बे-बंदोबस्त जमीन मामलों के त्वरित निपटान के निर्देश, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
भुवनेश्वर, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- ओड़िशा ब्यूरो स्वामी बिजया नंद जी महाराज
ओडिशा सरकार ने भूमि रिकॉर्ड सुधार और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर अपनाया सख्त रुख
भुवनेश्वर ACGN:- ओडिशा सरकार ने बे-बंदोबस्त जमीनों से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निपटान और भूमि अभिलेखों में सुधार को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। लोकसेवा भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी लंबित मामलों का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक की अध्यक्षता मंत्री सुरेश पुजारी ने की।

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष करीब 38 हजार एकड़ लंबित बे-बंदोबस्त जमीन में से लगभग 7 हजार एकड़ जमीन का निपटान कर वास्तविक हकदारों के नाम दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार ने कटक, पुरी, भद्रक, बोलांगीर और जगतसिंहपुर जैसे जिलों में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पात्र लाभार्थियों को जल्द आरओआर यानी रिकॉर्ड ऑफ राइट्स जारी करने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में “सलामी” राशि जमा नहीं हुई है, वहां एक माह के भीतर नोटिस जारी कर राशि जमा कराई जाए और मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन जमीनों का स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, उन्हें फिलहाल सरकारी भूमि माना जाएगा और तहसीलदार की निगरानी में उनका निपटान किया जाएगा।

भूमि अभिलेखों की सटीकता बढ़ाने के लिए कॉलम-2 सुधार कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक लगभग 62.68 लाख भूमि अभिलेखों का सर्वे किया जा चुका है, जिनमें से करीब 58.80 लाख रिकॉर्ड में सुधार कर आरओआर जारी किया गया है। कार्य में तेजी लाने के लिए राजस्व निरीक्षकों को हर महीने 250 से 300 मामलों के निपटान का लक्ष्य दिया गया है।

बैठक में अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया। सरकार ने जिलों की कार्यप्रणाली का हर महीने मूल्यांकन कर रैंकिंग तय करने का निर्णय लिया है। खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इसके अलावा कृषि विभाग को किसानों के पंजीकरण, आधार लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड अपडेट कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नुकसान का त्वरित आकलन कर राहत पहुंचाने तथा स्थानांतरण के बाद अधिकारियों को सात दिनों के भीतर नई जगह ज्वाइन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद पाढ़ी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि विभिन्न जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरों तथा जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल — अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






