क्रेडा की सौर योजनाओं से बदली गांवों की तस्वीर, पेयजल, रोशनी और सिंचाई सुविधाएं हुई मजबूत
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
दो वर्षों में सोलर पंप और हाईमास्ट से ग्रामीण जीवन में आया बड़ा सकारात्मक बदलाव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों से आम लोगों के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे विकास को नई दिशा मिली है और लोगों को बुनियादी सुविधाएं पहले से अधिक आसानी से मिलने लगी हैं।
सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था मजबूत हुई है, वहीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना बिजली बिल के निरंतर रोशनी की सुविधा भी मिल रही है। इससे लोगों का दैनिक जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है और उनके जीवन स्तर में भी स्थायी सुधार देखने को मिल रहा है।

जल जीवन मिशन के तहत जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान 114 सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। इन पंपों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के साथ किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। सोलर पंपों के कारण किसानों की डीजल और बिजली पर निर्भरता कम हुई है, जिससे उनकी लागत घटी है और आय में वृद्धि हुई है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान सालभर खेती कर पा रहे हैं और उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं घर के पास पानी उपलब्ध होने से महिलाओं को दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से भी राहत मिली है।

जशपुर जिले में सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर रोशनी की व्यवस्था के लिए सोलर हाईमास्ट योजना के तहत गांवों, कस्बों और शहरों के प्रमुख चौक-चौराहों पर संयंत्र लगाए गए हैं। पिछले दो वर्षों में 80 सोलर हाईमास्ट लगाए जा चुके हैं, जिससे रात के समय आवागमन सुरक्षित और सुगम हुआ है। इन सौर ऊर्जा आधारित लाइटों से उन क्षेत्रों में भी रोशनी मिल रही है जहां बिजली आपूर्ति सीमित या बाधित रहती है।

कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना के तहत जशपुर जिले में दो वर्षों में 800 सोलर पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों को बिजली बिल से राहत मिली है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इसके साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि, भू-जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।बड़ा सकारात्मक बदलाव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों से आम लोगों के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे विकास को नई दिशा मिली है और लोगों को बुनियादी सुविधाएं पहले से अधिक आसानी से मिलने लगी हैं।
सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था मजबूत हुई है, वहीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना बिजली बिल के निरंतर रोशनी की सुविधा भी मिल रही है। इससे लोगों का दैनिक जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है और उनके जीवन स्तर में भी स्थायी सुधार देखने को मिल रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान 114 सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। इन पंपों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के साथ किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। सोलर पंपों के कारण किसानों की डीजल और बिजली पर निर्भरता कम हुई है, जिससे उनकी लागत घटी है और आय में वृद्धि हुई है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान सालभर खेती कर पा रहे हैं और उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं घर के पास पानी उपलब्ध होने से महिलाओं को दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से भी राहत मिली है।
जशपुर जिले में सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर रोशनी की व्यवस्था के लिए सोलर हाईमास्ट योजना के तहत गांवों, कस्बों और शहरों के प्रमुख चौक-चौराहों पर संयंत्र लगाए गए हैं। पिछले दो वर्षों में 80 सोलर हाईमास्ट लगाए जा चुके हैं, जिससे रात के समय आवागमन सुरक्षित और सुगम हुआ है। इन सौर ऊर्जा आधारित लाइटों से उन क्षेत्रों में भी रोशनी मिल रही है जहां बिजली आपूर्ति सीमित या बाधित रहती है।
कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना के तहत जशपुर जिले में दो वर्षों में 800 सोलर पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों को बिजली बिल से राहत मिली है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इसके साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि, भू-जल संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






