वेदांता प्लांट हादसे पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर–एसपी की निगरानी में राहत और बचाव कार्य जारी, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
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सक्ती, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
कलेक्टर–एसपी की निगरानी में राहत और बचाव कार्य जारी, घायलों के बेहतर उपचार और मृतकों के परिजनों को सहायता की प्रक्रिया शुरू
सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट में स्टीम पाइप की वॉटर सप्लाई लाइन में तकनीकी खराबी आने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास टोपनो ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और अनुविभागीय दंडाधिकारी डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी को निर्देश दिया गया है

कि घटना कब और कैसे हुई, उस समय कितने मजदूर कार्यरत थे, दुर्घटना के कारण क्या थे, निरीक्षण में किसी प्रकार की कमी पाई गई थी या नहीं तथा दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार है, इन सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच कर 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास टोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर और जिला प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिकता के आधार पर रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज और अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है। घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं तथा एसडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय रूप से लगी हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस घटना को लेकर लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में हैं और घायलों के समुचित उपचार तथा प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दे रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। कलेक्टर ने बताया कि मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है तथा पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह को एम्बुलेंस के माध्यम से उनके गृहग्राम तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री द्वारा भी मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है। कंपनी प्रबंधन ने भी प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कहते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और रोजगार सहयोग देने तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों को पूरी तरह स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने और परामर्श सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 श्रमिकों की मृत्यु हो चुकी है हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं—
रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार)
अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़)
थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़)
तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड)
आकिब खान (दरभंगा, बिहार)
सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल)
अब्दुल करीम (झारखंड)
उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़)
शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल)
पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश)
अशोक परहिया (पलामू, झारखंड)
मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल)
बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश)
रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़)
कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)
नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़)
शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)
इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 श्रमिकों की मृत्यु हो चुकी है और 19 घायल श्रमिकों का इलाज जारी है।
प्रदीप मिश्रा
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