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फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 26 आरोपी गिरफ्तार

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रायगढ़, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

देशभर के 7 हजार से अधिक लोगों से एक करोड़ से ज्यादा की ठगी, पुलिस ने 55 मोबाइल और 13 लैपटॉप सहित कई सामग्री जब्त की

रायगढ़। जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर संचालित एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। रायगढ़ साइबर पुलिस ने लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहे संगठित गिरोह पर कार्रवाई करते हुए दो संचालकों सहित कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, दो प्रिंटर और तीन बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं।


मामले की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक तथा साइबर और महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र और श्रीमती शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र में छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान सामने आया कि इन केंद्रों में आरटीओ से संबंधित कार्य का दिखावा किया जाता था, जबकि अंदर फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।


जांच में पता चला कि गिरोह द्वारा फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के जरिए नकली प्रोफाइल तैयार किए जाते थे। इसके बाद युवतियों के माध्यम से कॉल सेंटर चलाकर लोगों से संपर्क किया जाता और शादी के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के माध्यम से पैसे वसूले जाते थे। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 04/2026 के तहत संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।


पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ से जुड़े कार्य करता था। उसकी आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने सहयोगी हिमांशु मेहर और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा कर दिया। छापेमारी के दौरान लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण तथा विभिन्न शासकीय विभागों की फर्जी सील और मुहर भी बरामद हुई हैं।


पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 से अब तक यह गिरोह देशभर के 7 हजार 693 लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है और लगभग एक करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर ठगी और फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या दस्तावेज संबंधी सेवा का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।


प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

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