नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , 11 सूत्रीय मांगों पर फूटा कर्मचारियों का आक्रोश, सरकार की चुप्पी पर फेडरेशन का तीखा प्रहार – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

11 सूत्रीय मांगों पर फूटा कर्मचारियों का आक्रोश, सरकार की चुप्पी पर फेडरेशन का तीखा प्रहार

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

डीए एरियर्स, पदोन्नति, नियमितीकरण और वेतन विसंगति पर सरकार से जवाब मांग रहे कर्मचारी, भोजनावकाश प्रदर्शन से बढ़ा दबाव

कोरबा: ACGN:- छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन जिला शाखा कोरबा ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए 11 सूत्रीय मांगों के तत्काल निराकरण की मांग की है। फेडरेशन ने साफ शब्दों में कहा है कि कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन देकर टालना अब संभव नहीं है।


फेडरेशन का कहना है कि प्रदेश के कर्मचारी वर्षों से अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। वर्ष 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स का मुद्दा आज भी अधर में लटका हुआ है। कर्मचारियों का सवाल है कि जब महंगाई लगातार बढ़ रही है तो कर्मचारियों के बकाया भुगतान में देरी क्यों?
संगठन ने आरोप लगाया कि वेतन विसंगतियों, पदोन्नति और सेवा लाभ जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी सरकार की चुप्पी कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित कई संवर्गों में वेतन विसंगतियां वर्षों से बनी हुई हैं, लेकिन पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है?


फेडरेशन ने यह भी मांग उठाई है कि चार स्तरीय पदोन्नति समयमान वेतनमान 8, 16, 24 और 32 वर्ष में लागू किया जाए, मध्यप्रदेश की तर्ज पर 300 दिन का अर्जित अवकाश नगदीकरण दिया जाए और शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ प्रदान किए जाएं। सहायक शिक्षकों और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने की मांग भी जोर पकड़ रही है।


संगठन ने अनुकंपा नियुक्ति पर लगी 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने, पंचायत सचिवों के शासकीयकरण, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन और समयबद्ध पदोन्नति देने तथा दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की भी मांग की है। इसके साथ ही आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली को बंद करने और विभागों में खाली पदों पर जल्द भर्ती करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।


फेडरेशन का कहना है कि जब प्रदेश के लगभग हर विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है तो फिर रिक्त पदों पर भर्ती में देरी क्यों? क्या सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है या कर्मचारियों को असमंजस में रखना चाहती है?
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से जुड़े 132 मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों के कर्मचारी इन मांगों को लेकर चतुर्थ चरण आंदोलन के तहत 18 मार्च 2026 को जिला और विकासखंड स्तर पर भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन कर रहे हैं। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इन ज्वलंत मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए। यदि सरकार समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो यह असंतोष प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित की सच्चाई उजागर करने वाला पत्रकार

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now