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धान खरीदी में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास, तीन वर्षों में 437 लाख मीट्रिक टन खरीदी

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल बोले – साय मॉडल से किसान खुशहाल, राज्य बना देश में नंबर-1

रायपुर, 10 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने धान खरीदी और किसान कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। राज्य में पारदर्शी डिजिटल प्रणाली और किसानों के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए पिछले तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इस दौरान किसानों के खातों में लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि खरीफ सीजन 2025-26 में 25.24 लाख से अधिक किसानों से पारदर्शिता के साथ लगभग 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसानों को उनकी उपज का देश में सबसे अधिक मूल्य सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का “साय मॉडल” धान खरीदी और किसान खुशहाली के मामले में देश का नंबर-1 मॉडल बन चुका है।
खाद्य मंत्री ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ केवल “धान का कटोरा” ही नहीं बल्कि “न्याय का कटोरा” बनकर उभरा है। राज्य सरकार ने खेती-किसानी को लाभदायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किसानों को फसल का वाजिब मूल्य दिलाने के साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को भी कृषक उन्नति योजना में शामिल किया गया है। इसके लिए बजट में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी और वर्तमान में संग्रहण केंद्रों में लगभग 1.60 लाख टन धान शेष है, जो कुल खरीदी का लगभग 3 प्रतिशत से भी कम है। पूर्व वर्षों में जहां धान का सुखद 6.32 प्रतिशत तक पहुंच गया था, वहीं बेहतर भंडारण व्यवस्था और निगरानी के कारण इसे घटाकर लगभग 3.52 प्रतिशत तक नियंत्रित कर लिया गया है।
खाद्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 में किसानों को 33 हजार 431 करोड़ रुपये समर्थन मूल्य के रूप में दिए गए हैं, जबकि कृषक उन्नति योजना के तहत होली से पहले 10 हजार 324 करोड़ रुपये की अंतर राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की गई है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को आधुनिक और लाभप्रद बनाने के लिए उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई और तकनीकी नवाचार पर भी विशेष ध्यान दे रही है। सौर सुजला योजना और धान-धान्य कृषि योजना के माध्यम से दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर जैसे कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों में भी किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की डिजिटल और समयबद्ध धान खरीदी प्रणाली ने बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी है और अवैध धान परिवहन पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया है। पारदर्शी नीति और सख्त निगरानी के कारण राज्य कृषि क्षेत्र में एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरों के साथ जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

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