मनरेगा बचाओ अभियान में कोरबा में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
सांसद ज्योत्स्ना महंत और पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल के नेतृत्व में बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़े कार्यकर्ता, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया विस्तृत ज्ञापन
कोरबा ACGN:- मनरेगा बचाओ अभियान संग्राम के तहत कोसाबाड़ी चौक में मंगलवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और ग्रामीण क्षेत्र से आए समर्थक एकत्रित हुए जहां मंच के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा और इसके बाद कलेक्टर कार्यालय के घेराव के लिए नारेबाजी करते हुए रैली निकाली गई। प्रदर्शन का नेतृत्व कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्स्ना महंत और छत्तीसगढ़ के पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने किया।



रैली जैसे ही कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ी प्रशासन पहले से सतर्क नजर आया। कलेक्टर पहुंचने वाले मार्ग पर दोनों तरफ तीन तीन लेयर में बैरिकेड लगाए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन पूरी तरह चाक चौबंद नजर आया। प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया।



कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहला बैरिकेड हटाते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन कुछ ही दूरी पर दूसरे बैरिकेड पर उन्हें फिर रोक लिया गया। इस दौरान हल्की धक्का मुक्की की स्थिति भी बनी पर वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की मूल भावना को कमजोर किया है और इसका नाम बदलकर वी बी जी राम जी किए जाने का प्रयास किया जा रहा है जिसका कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया। नेताओं ने कहा कि यह देशव्यापी आंदोलन श्रमिकों के अधिकार की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।




सांसद ज्योत्स्ना महंत ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा की मूल आत्मा को खत्म कर श्रमिकों से काम का अधिकार छीनने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पहले यह योजना संविधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाले अधिकारों पर आधारित थी लेकिन अब इसे केंद्र द्वारा नियंत्रित स्कीम में बदला जा रहा है जिससे ग्रामीण गरीबों का संवैधानिक अधिकार प्रभावित होगा।


पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि सुधार के नाम पर लोकसभा में बिल पास कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने इसे गरीब मजदूरों से काम का अधिकार छीनने की कोशिश बताया। विधायक फूलसिंह राठिया ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए रोजगार का सहारा रहा है लेकिन नियमों में बदलाव से रोजगार का अधिकार समाप्त होने का खतरा है।

पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा ने कहा कि वी बी जी राम जी का पूरा नाम विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण बताया जा रहा है और इसे भगवान राम के नाम से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है। पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कहा कि वर्ष 2005 में लागू यह कानून ग्रामीणों को वैधानिक रोजगार अधिकार देता था जिसे अब कमजोर किया जा रहा है।


सभा को पूर्व विधायक श्यामलाल कंवर, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी, राज जायसवाल, नत्थुलाल यादव, सपना चौहान, कुसुम द्विवेदी, अशोक देवांगन, धुरपाल सिंह कंवर, राजेंद्र सिंह ठाकुर, कृपाराम साहू, शोभना देवांगन, प्रदीप अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर ने किया और आभार ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान ने व्यक्त किया। बड़ी संख्या में ब्लॉक अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया जिसमें मनरेगा को उसके मूल अधिकार आधारित स्वरूप में लागू रखने, ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को पूर्ण अधिकार देने, मजदूरी बढ़ाकर न्यूनतम चार सौ रुपये प्रतिदिन करने और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक वापस लौट गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखी।
प्रदीप मिश्रा
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