नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , न्याय दो या इच्छा मृत्यु, सेवा समाप्ति से आहत डॉक्टर के गंभीर आरोप – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

न्याय दो या इच्छा मृत्यु, सेवा समाप्ति से आहत डॉक्टर के गंभीर आरोप

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रायगढ़, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर मेंटल हॉस्पिटल भेजने की साजिश का दावा, प्रशासन पर विद्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप

धरमजयगढ़ ACGN:- धरमजयगढ़ क्षेत्र में वर्षों तक स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले डॉक्टर खुर्शीद खान ने अपनी सेवा समाप्ति को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे संदेश में उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे इच्छा मृत्यु तक की मांग करने को मजबूर होंगे।


प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ. खान के अनुसार वे वर्ष 2003 से 2021 तक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के रूप में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बायासी में पदस्थ रहे। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच तत्कालीन कलेक्टर द्वारा गठित तीन डॉक्टरों की टीम ने की थी, जिसमें सभी आरोप निराधार पाए गए। बाद में मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां न्यायिक प्रक्रिया के दौरान भी आरोपों को झूठा बताया गया और उन्हें निर्दोष माना गया।


इसके बावजूद सेवा में पुनः बहाली नहीं होने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि विभाग ने जानबूझकर विद्वेषपूर्ण मानसिकता से वास्तविक तथ्यों को छुपाते हुए उच्च अधिकारियों को गलत जानकारी दी और गलत नोटशीट प्रस्तुत कर झूठे और निराधार आरोपों के आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच और न्यायालय में वे निर्दोष पाए गए, तो उन्हें सेवा से बाहर क्यों रखा गया है।
डॉ. खान ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रपति, राज्यपाल और प्रधानमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब उन्हें मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित कर मेंटल हॉस्पिटल भेजने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई चिकित्सक उन्हें मानसिक रूप से विक्षिप्त साबित करने का प्रयास करता है तो वे उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।


उन्होंने दावा किया कि न्यायालय द्वारा नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के आदेश के बावजूद बिना सुनवाई और बिना पूर्व सूचना उनकी सेवा समाप्त कर दी गई और सेवा में पुनः नियुक्ति का प्रावधान नहीं होने का हवाला देकर उनकी एक्सटेंशन फाइल बंद कर दी गई।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। डॉ. खान ने कहा है कि वे न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

यह समाचार सोशल मीडियावा अन्य सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर बनाया गया है

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now