केदईखार में 100 एकड़ जमीन अतिक्रमण मुक्त, शहर–गांव में बढ़ते कब्जों पर सवाल
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
बुलडोजर कार्रवाई के बीच उठे सवाल, समय पर रोक नहीं तो बढ़ेगी समस्या
कोरबा ACGN:- दर्री तहसील क्षेत्र के केदईखार में जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 100 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। केसी जैन मार्ग के समीप फार्म हाउस, पक्के मकान और टीन-शेड बनाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। 135 कब्जाधारियों को पूर्व में नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने कहा गया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद बुलडोजर की कार्रवाई करनी पड़ी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से निर्माण हटाए गए और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे भी शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए अभियान जारी रहेगा।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद शहर और ग्रामीण अंचलों में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण को रोक दिया जाए तो स्थिति इतनी विकराल नहीं बने। नगर पालिका निगम के अधिकारी-कर्मचारी प्रारंभिक स्तर पर सख्ती नहीं बरतते, कई मामलों में निर्माण को समय दिया जाता है और जब पूरा पक्का निर्माण खड़ा हो जाता है तब नोटिस जारी की जाती है। ऐसे में तोड़फोड़ की कार्रवाई न केवल विवादित हो जाती है बल्कि प्रशासन के लिए भी चुनौती बन जाती है।
शहर में देखे तो कई स्थानों में सड़क के किनारे दुकानदार दुकान से बाहर तक सामान निकाल कर रख देते हैं। मुख्य मार्ग में सड़कों के किनारे बोर्ड, स्टैंड, ठेले और अन्य सामग्री सड़क पर फैला दी जाती है। ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बाजार क्षेत्रों में यह समस्या आम हो चुकी है, लेकिन नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई का अभाव साफ नजर आता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाहरी लोगों द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं। जंगलों में राखड़ डालकर जमीन समतल करना और बाद में निर्माण करना पर्यावरण के लिए खतरा बन रहा है। बारिश के दिनों में राखड़ बहकर खेतों तक पहुंचता है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है शिक्षा के व अन्य कार्यों के लिए प्रस्तावित भूमि सिपेट के आसपास भी अवैध कब्जे तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगो द्वारा बड़े बड़े जमीनों को घेरकर खरीदी बिक्री का खेल जोरो पर चल रहा है, सड़को के किनारे अतिक्रमण कर दुकानों का संचालन कर रहे है जहाँ अक्सर भीड़ लगी रहती है उस कार्यवाही कर सड़क के किनारो से अन्यत्र लगे ताकि सड़क पर आवागमन बाधित ना हो, यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो आने वाले समय में शासकीय कार्यों और सार्वजनिक उपयोग के लिए जमीन उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा।
जनता की मांग है कि प्रशासन केवल बड़ी शिकायतों पर ही नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर हो रहे अतिक्रमण पर भी तत्काल रोक लगाए। प्रारंभिक चरण में ही कार्रवाई हो तो न तो बुलडोजर की नौबत आए और न ही कानून व्यवस्था की स्थिति बने। नियमित निरीक्षण, पारदर्शी कार्रवाई और जवाबदेही तय कर ही अतिक्रमण पर स्थायी रोक लगाई जा सकती है।
प्रदीप मिश्रा
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