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विकास की राह देख रहा सीमावर्ती वनांचल: कुदरी चिंगार से जरहाडाड़ मार्ग की बदहाली ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता, शासन-प्रशासन से लगाई गुहार

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कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

बरसात में गांवों का संपर्क प्रभावित होने का खतरा, ग्रामीण बोले, सड़क बनेगी तो बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

कोरबा ACGN:- कोरबा जिले के ग्राम पंचायत डोकरमाना अंतर्गत ग्राम कुदरी चिंगार से सरगुजा जिले के जरहाडाड़ तक जाने वाला मार्ग आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी और विकास की धीमी रफ्तार का प्रतीक बना हुआ है। दो जिलों की सीमा पर स्थित यह दूरस्थ वनांचल क्षेत्र वर्षों से बेहतर सड़क सुविधा की प्रतीक्षा कर रहा है।  जिस मार्ग का उपयोग ग्राम वासियों द्वारा किया जाता है वह मार्ग अभी कच्ची सड़क है और इसी मार्ग से वे आना-जाना करते हैं मार्ग की खराब स्थिति के कारण यहां के ग्रामीणों को प्रतिदिन कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार कुदरी चिंगार से लगभग 3 किलोमीटर का मार्ग अत्यंत जर्जर है, जबकि पूरी दूरी करीब 15 किलोमीटर की है। बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़, गड्ढे और फिसलन के कारण आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल जाने तथा किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र कोरबा और सरगुजा जिले की सीमा पर स्थित होने के साथ-साथ घने वनांचल क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद यहां रहने वाले लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका मानना है कि यदि इस मार्ग का निर्माण और उन्नयन हो जाए तो न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ भी बेहतर तरीके से ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा।

क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे इस मार्ग की वास्तविक स्थिति का मौके पर निरीक्षण करें और सड़क निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाएं। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सुरक्षित आवागमन और विकास का अपना अधिकार मांग रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि यह ग्राम जिला मुख्यालय से काफी दूर स्थित होने के कारण और आवागमन का साधन नहीं होने के कारण ग्रामवासी अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय नहीं पहुंच पाते, इसलिए ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया, ताकि प्रशासन उनकी समस्या से अवगत हो कर उनकी समस्या का निराकरण करने की पहल करें

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि हमारी विनम्र प्रार्थना है कि कुदरी चिंगार से जरहाडाड़ मार्ग की समस्या को गंभीरता से लिया जाए। बरसात के दिनों में हमें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क बनने से हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी और यह पूरा क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा।”

सवाल यह है कि क्या सीमावर्ती वनांचल क्षेत्र के इन ग्रामीणों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचेगी? क्या वर्षों पुरानी यह समस्या अब समाधान की ओर बढ़ेगी? ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन उनकी पीड़ा को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।

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