‘सुशासन तिहार’ से बढ़ा जनविश्वास, गांव-गांव पहुंचा प्रशासन
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता अनादि पांडेय रायपुर
40 दिवसीय अभियान में संवाद, समाधान और सहभागिता से मजबूत हो रहा लोकतंत्र
रायपुर ACGN:- लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होता है और इसी विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ जैसे अभिनव अभियान की शुरुआत की गई है। 1 मई से 10 जून तक चलने वाले इस 40 दिवसीय अभियान के माध्यम से शासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाया जा रहा है, जहां प्रशासनिक अधिकारी गांव-गांव और शहरी वार्डों में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुन रहे हैं और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
यह अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद, सहभागिता और समाधान पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हकीकत का आकलन कर रहे हैं और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी न केवल इस पहल को प्रभावी बना रही है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

‘सुशासन तिहार’ का मुख्य उद्देश्य शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है। जब अधिकारी सीधे गांवों में जाकर समस्याएं सुनते हैं, तो वास्तविक स्थिति सामने आती है और लोगों के भीतर यह भरोसा भी मजबूत होता है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है। इससे प्रशासन में संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व दोनों का विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को ‘लोगों की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं’ की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक व्यवहार ही शासन की छवि तय करता है, इसलिए आमजन के साथ संवाद करते समय शालीनता, धैर्य और सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।

इस अभियान के तहत आयोजित समाधान शिविर इसकी अहम कड़ी बनकर उभरे हैं, जहां पंचायत और वार्ड स्तर पर आवेदन लेकर समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसमें जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से शासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता उसके दीर्घकालिक प्रभाव और निरंतरता पर निर्भर करेगी। यदि इस अभियान से प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था में स्थायी सुधार किए जाते हैं और संवाद की यह प्रक्रिया लगातार जारी रहती है, तो यह पहल लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी।
‘सुशासन तिहार’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि विश्वास, संवाद और संवेदनशीलता के माध्यम से विकास को समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शासन और जनता के बीच रिश्तों को और मजबूत कर रहा है।
प्रदीप मिश्रा
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