फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करें : मुख्य सचिव विकासशील
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
नागरिक सेवाओं को आसान और डिजिटल बनाने पर जोर, आईटी अधिकारियों की कार्यशाला में नई तकनीकों पर मंथन
रायपुर 24 अप्रैल 2026/ मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ आम जनता तक शीघ्र और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सूचना और संचार से जुड़े सभी संस्थान अपने कार्यक्रमों को मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से नागरिक केंद्रित और उपयोग में आसान बनाएं, ताकि आमजन बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग से शासन और जनता के बीच दूरी कम होगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

कार्यशाला के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि नई तकनीकों को अपनाकर हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को हमेशा नई तकनीकों से अपडेट रहना चाहिए ताकि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी हो सके।
सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने राज्य और जिला स्तर के सूचना विज्ञान अधिकारियों से उनके संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों और आवश्यकताओं की जानकारी ली और बेहतर समन्वय के निर्देश दिए।
कार्यशाला के शुभारंभ सत्र में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र नई दिल्ली के डीडीजी दयानंद साहा ने कहा कि आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी योजनाओं की सेवाएं नागरिकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं। कार्यशाला में विभिन्न आईटी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नई तकनीकों की जानकारी दी।
ट्रिपल आईटी के संचालक एवं कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एआई के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को और अधिक दक्ष बनाया जा सकता है। एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साइबर सुरक्षा पर प्रकाश डाला जबकि संयुक्त संचालक अभिजीत कौशिक और उपेन्द्र सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी तकनीकी विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला में राज्य स्तरीय और जिला स्तर के सूचना विज्ञान अधिकारियों के साथ एनआईसी के विभिन्न जिलों में कार्यरत अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान किया गया।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






