रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई में अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, काम दिलाने के बहाने नाबालिग को बाहर ले जाकर सौदेबाजी और जबरन शादी कराने के मामले में खरीदार सहित 5 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ जिले में मानव तस्करी और नाबालिग बालिका से जुड़े एक गंभीर मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने 17 वर्षीय पीड़िता को सुरक्षित बरामद करते हुए छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से जुड़े इस नेटवर्क में शामिल चार लोगों सहित एक खरीदार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले की एक नाबालिग बालिका ने 11 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 26 नवंबर 2025 को वह अपने गांव के खेल मैदान में थी तभी उसकी परिचित लड़की चमेली (परिवर्तित नाम) ने उसे रायगढ़ में काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले आई। रायगढ़ में निकले महादेव मंदिर के पास पहले से मौजूद गिरोह के सदस्य बिंदिया रात्रे, अभय यादव, मोह. दानिश उर्फ चीकू और सिरिन बानू उर्फ पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची से उसकी मुलाकात कराई गई। आरोप है कि इन लोगों ने भी उसे काम दिलाने का आश्वासन दिया और अगले ही दिन उसे मध्यप्रदेश के सागर जिले की ओर ले गए।

बताया गया कि सागर जिले के एक गांव में नाबालिग बालिका की सुनील दिक्षित नामक व्यक्ति से मंदिर में शादी करा दी गई और इसके बदले रकम का लेनदेन किया गया। बाद में किसी तरह मौका पाकर बालिका वहां से निकलकर ट्रेन के माध्यम से रायगढ़ वापस पहुंची। घर जाने से डर के कारण वह फिर से बिंदिया के संपर्क में आ गई जहां उसे बहलाकर अपने पास रखा गया और उससे अवैध गतिविधियों में शामिल कराने का प्रयास किया गया।

बालिका की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 116/2026 के तहत धारा 137(2), 143, 96, 98, 99, 64, 3(5) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान विधि से संघर्षरत बालिका चमेली को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई जिसमें पूरे मामले से जुड़े कई तथ्य सामने आए। आरोपियों के कथन के आधार पर खर्च के बाद शेष बचे लगभग 7000 रुपये नगद और कुछ मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
इसके बाद पुलिस टीम आरोपी सुनील दिक्षित की गिरफ्तारी के लिए मध्यप्रदेश रवाना हुई और 13 अप्रैल को जिला छतरपुर स्थित उसके गांव से उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की है। पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालिका को किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया है जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एक अन्य आरोपी अभय यादव अभी फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी कोतरारोड़ अजय नागवंशी के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी एसआई कुसुम कैवर्त, एएसआई मनमोहन बैरागी, कांस्टेबल चंद्रेश पांडेय, राजेश खांडे, विकास कुजूर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में मानव तस्करी, अनैतिक गतिविधियों और देह व्यापार से जुड़े मामलों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
गिरफ्तार आरोपी
सिरिन बानू उर्फ पूजा उर्फ बॉबी उर्फ चाची पति मोह. वकील उम्र 45 वर्ष निवासी बीड़पारा रायगढ़ थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़
बिंदिया रात्रे पिता स्व. रामलाल रात्रे उम्र 23 वर्ष निवासी इंदिरा नगर भोला गली रायगढ़ थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़
मोह. दानिश उर्फ चीकू पिता मोह. वकील उम्र 20 वर्ष निवासी बीड़पारा रायगढ़ थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़
सुनील दिक्षित पिता बाबूलाल दिक्षित उम्र 37 वर्ष निवासी बिलवार थाना गुजगंज जिला छतरपुर मध्यप्रदेश
विधि से संघर्षरत बालिका
प्रदीप मिश्रा
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