नेरेडी परियोजना पर बढ़ी चिंता आठ गांवों के प्रभावित होने की आशंका से क्षेत्र में हलचल
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गंजाम, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता अनिल कुमार चौधरी
बंशधारा जल न्यायाधिकरण के फैसले के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता, विधायक रुपेश पाणिग्रही ने कहा ओडिशा के साथ अन्याय
गंजाम जिले में नेरेडी परियोजना को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बंशधारा जल न्यायाधिकरण द्वारा आंध्र प्रदेश में बंशधारा नदी पर परियोजना निर्माण को हरी झंडी दिए जाने के बाद क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। इस परियोजना के लागू होने की स्थिति में गजपति जिले के काशीनगर ब्लॉक के कई गांव प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार इस परियोजना के कारण पालसिंह, सारा, बादीगांव, दरबा, किटिंगी, बोथबा और लिहुरी ओडी सहित कुल आठ गांवों पर असर पड़ सकता है। नदी की धारा में बदलाव होने से हजारों परिवारों की आजीविका और खेती प्रभावित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और असंतोष बढ़ गया है।
बताया जाता है कि आंध्र प्रदेश सरकार इस परियोजना को लेकर सक्रिय है और भूमि अधिग्रहण की स्थिति में प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की बात कही जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मुआवजा ही पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि इससे उनकी परंपरागत आजीविका और जीवन व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

इस मामले में ओडिशा सरकार की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार को इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए प्रभावित लोगों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2006 में आंध्र प्रदेश सरकार ने अंतर राज्य नदी जल विवाद के आधार पर इस परियोजना को केंद्र के समक्ष प्रस्तुत किया था। इसके बाद वर्ष 2010 में बंशधारा जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया। दोनों राज्यों के बीच रायगड़ा और गजपति जिलों में भूमि अधिग्रहण और जल बंटवारे को लेकर कई दौर की चर्चा भी हुई, लेकिन इस पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी।

इस मामले में पारलाखेमुंडी के विधायक रुपेश कुमार पाणिग्रही ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला ओडिशा के लोगों के साथ अन्याय के समान है। उन्होंने कहा कि यदि यह परियोजना लागू होती है तो क्षेत्र की कई सिंचाई परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं और स्थानीय लोगों की आजीविका पर गंभीर संकट आ सकता है।
विधायक ने मांग की है कि राज्य सरकार तत्काल एक विशेषज्ञ टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करे और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझकर उचित समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री को भी हस्तक्षेप कर ओडिशा के लोगों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
प्रदीप मिश्रा
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