अमगांव में शासकीय भवनों को जबरन तोड़े जाने की खबर पर प्रशासन का खंडन, पहले ही किया जा चुका था संस्थानों का स्थानांतरण
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
प्रशासन ने कहा – जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों को हटाने से पहले पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी, छात्रावास और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को वैकल्पिक स्थानों पर किया गया था स्थानांतरित
कोरबा ACGN:- हरदीबाजार तहसील अंतर्गत ग्राम अमगांव में एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित भूमि पर स्थित शासकीय भवनों को जबरन और बलपूर्वक तोड़े जाने संबंधी प्रकाशित समाचार को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसका खंडन किया है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित शासकीय भवनों को किसी संचालित सरकारी संस्था को जबरन हटाकर नहीं तोड़ा गया, बल्कि भवनों की जर्जर स्थिति, खदान क्षेत्र से उनकी निकटता और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित संस्थानों को पहले ही वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका था।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम अमगांव में खदान क्षेत्र के समीप स्थित पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी भवन और छात्रावास पहले से ही जर्जर स्थिति में थे। खदान क्षेत्र के नजदीक होने के कारण इन भवनों में संचालित संस्थानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विध्वंस की कार्रवाई से पहले ही उन्हें अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था।
प्रशासन के अनुसार पटवारी कार्यालय को लगभग दो माह पूर्व तहसील कार्यालय में स्थानांतरित किया जा चुका था। इसी तरह छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्र को भी अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद इन पुराने भवनों को हटाने की कार्रवाई की गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी पहले किया गया था स्थानांतरित
प्रशासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। बताया गया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन भी खदान क्षेत्र के नजदीक स्थित होने के कारण सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाना आवश्यक था। इस संबंध में संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा पत्र के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया था।
इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी भवनों के विध्वंस की कार्रवाई से लगभग दो दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया था। प्रशासन के अनुसार वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से संचालित की जा रही हैं।
प्रशासन का दावा—पहले स्थानांतरण, फिर जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अमगांव में खदान क्षेत्र के विस्तार, सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों और भवनों की जर्जर स्थिति को ध्यान में रखते हुए संबंधित शासकीय संस्थानों को पहले ही वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराकर स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद एसईसीएल द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय एवं सहयोग से निष्प्रयोज्य और जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई की गई।
प्रशासन के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में किसी संचालित शासकीय कार्यालय अथवा संस्था को जबरन या बलपूर्वक हटाकर भवन तोड़े जाने की स्थिति नहीं थी। इसी आधार पर जिला प्रशासन ने इस संबंध में प्रकाशित उस समाचार को तथ्यात्मक रूप से सही नहीं बताया है, जिसमें शासकीय भवनों को जबरन तोड़े जाने की बात कही गई थी।
खदान प्रभावित क्षेत्रों की मांगों पर एसईसीएल से समन्वय जारी
जिला प्रशासन ने यह भी बताया है कि ग्राम हरदीबाजार सहित जिले के खदान प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की रोजगार, पुनर्वास और अन्य मांगों को लेकर एसईसीएल प्रबंधन के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। ग्रामीणों से जुड़े विषयों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात प्रशासन की ओर से कही गई है।
अमगांव में शासकीय भवनों को हटाए जाने को लेकर सामने आए विवाद पर प्रशासन ने अपने पक्ष में स्पष्ट किया है कि भवनों को हटाने से पहले संबंधित शासकीय संस्थानों को वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था। प्रशासन के अनुसार कार्रवाई का आधार खदान क्षेत्र का विस्तार, सुरक्षा की आवश्यकता और जर्जर हो चुके भवन थे, न कि किसी संचालित शासकीय संस्था को जबरन हटाना।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































