नक्सलियों के निशाने पर रहे, फिर भी नहीं झुके… अब वर्दी को कहा अलविदा
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN | 7647981711, 9303948009
35 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद पाली थाना प्रभारी टीआई नागेश तिवारी सेवानिवृत्त, आरक्षक से नगर निरीक्षक तक का संघर्ष, साहस और समर्पण बना मिसाल
कोरबा, ACGN। कुछ लोग नौकरी करते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने कर्तव्य को जीते हैं। कोरबा जिले के पाली थाना में पदस्थ नगर निरीक्षक (टीआई) श्री नागेश तिवारी उन्हीं चुनिंदा पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने वर्दी को केवल एक सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज की सेवा का संकल्प माना। लगभग 35 वर्षों तक कठिन से कठिन परिस्थितियों में कानून की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने साहस, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल कायम की, जिसे पुलिस विभाग लंबे समय तक याद रखेगा। अब वे अपने गौरवपूर्ण सेवाकाल को पूर्ण कर शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए हैं।

25 जुलाई 1964 को जन्मे श्री नागेश तिवारी ने 31 दिसंबर 1989 को आरक्षक के पद से पुलिस विभाग में कदम रखा। उनकी पहली पदस्थापना तत्कालीन दंतेवाड़ा (बस्तर) में हुई। वह समय ऐसा था जब बस्तर नक्सली हिंसा की आग में झुलस रहा था। सड़कें कम थीं, संचार के साधन सीमित थे और कई बार जवानों को घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों और नदी-नालों को पार करते हुए कई किलोमीटर पैदल चलकर अभियान चलाने पड़ते थे। पीठ पर आवश्यक सामान, हाथ में हथियार और मन में केवल कर्तव्य निभाने का जज्बा—यही उस दौर के पुलिस जवानों की पहचान थी।
ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में श्री नागेश तिवारी ने अपने पुलिस जीवन की शुरुआत की। उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों तक सेवाएं दीं और हर चुनौती का डटकर सामना किया। संसाधनों की कमी, जान का खतरा और लगातार तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने दायित्व से पीछे हटने का विचार तक नहीं किया। उनके लिए सबसे पहले कानून और जनता की सुरक्षा थी।
उनके सेवाकाल का सबसे कठिन और यादगार दौर तब आया जब वे सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र के गोरापल्ली में पदस्थ थे। वहां उन्होंने कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए एक प्रभावशाली सरपंच को गिरफ्तार कर जेल भेजा। यह कार्रवाई नक्सलियों को नागवार गुजरी और वे उनके व्यक्तिगत निशाने पर आ गए। लगातार जान से मारने की धमकियों और खतरे के बावजूद उन्होंने अपने कदम पीछे नहीं खींचे। उन्होंने साफ संदेश दिया कि पुलिस अधिकारी का पहला कर्तव्य कानून का पालन कराना है, न कि दबाव या भय के आगे झुकना।
श्री नागेश तिवारी की पहचान हमेशा एक ईमानदार, अनुशासित और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में रही। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कभी भी पद का दुरुपयोग नहीं किया और न ही किसी राजनीतिक या बाहरी दबाव के आगे झुके। यही कारण रहा कि अपनी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट कार्यशैली के दम पर उन्होंने आरक्षक से नगर निरीक्षक (टीआई) तक का गौरवपूर्ण सफर तय किया। यह उपलब्धि केवल पदोन्नति नहीं, बल्कि विभाग द्वारा उनकी निष्ठा, क्षमता और उत्कृष्ट सेवा का सम्मान भी है।
सेवा के दौरान उन्हें हृदय संबंधी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का भी सामना करना पड़ा। सामान्य परिस्थितियों में कोई भी अधिकारी कठिन क्षेत्र से हटने का प्रयास करता, लेकिन श्री नागेश तिवारी ने ऐसा नहीं किया। स्वास्थ्य पूरी तरह अनुकूल न होने के बावजूद उन्होंने बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन उसी समर्पण और साहस के साथ किया, जैसा एक सच्चे पुलिस अधिकारी से अपेक्षित होता है।
अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने अनेक पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ कार्य किया। वे हमेशा कहते रहे कि हर वरिष्ठ अधिकारी से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। यही सीख उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली में भी दिखाई देती रही। विभाग में आरक्षक से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी के साथ उनके आत्मीय और सम्मानजनक संबंध रहे। वे कठोर अनुशासन के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी समान महत्व देने वाले अधिकारी के रूप में पहचाने गए।
जनता से जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी विशेषताओं में रहा। उनका मानना था कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास जितना मजबूत होगा, कानून व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी। इसलिए उन्होंने हर पदस्थापना में आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना, त्वरित समाधान का प्रयास किया और संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता दी। यही कारण है कि वे केवल विभाग में ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी सम्मानित अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं।
पुलिस सेवा का जीवन आसान नहीं होता। त्योहारों पर भी ड्यूटी, परिवार से दूर रहना, अचानक स्थानांतरण, दिन-रात की जिम्मेदारियां और हर पल जोखिम का सामना करना इस सेवा का हिस्सा है। इन सभी कठिनाइयों के बीच श्री नागेश तिवारी ने अपने पारिवारिक दायित्वों का भी पूरी गरिमा के साथ निर्वहन किया। वे स्वयं स्वीकार करते हैं कि कई बार परिवार से पहले वर्दी को प्राथमिकता देनी पड़ी, क्योंकि उनके लिए पुलिस सेवा केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति आजीवन समर्पण का माध्यम थी।
आज जब वे शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, तब उनके पीछे केवल एक लंबा सेवाकाल नहीं, बल्कि साहस, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी अमिट विरासत है, जो आने वाली पीढ़ियों के पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उनका जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि कर्तव्य के प्रति निष्ठा अडिग हो तो सम्मान स्वयं आपके साथ चलता है।
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़ परिवार की ओर से नगर निरीक्षक (टीआई) श्री नागेश तिवारी को उनके निष्कलंक, गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी सेवाकाल के लिए हार्दिक अभिनंदन एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपका आगामी जीवन स्वस्थ, सुखमय, दीर्घायु और ऊर्जावान रहे। आपकी ईमानदारी, निर्भीकता और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस विभाग के इतिहास में सदैव प्रेरणा बनकर जीवित रहेगी।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर नगर निरीक्षक (टीआई) श्री नागेश तिवारी ने भावुक शब्दों में कहा कि उन्होंने अपने पूरे पुलिस सेवाकाल में ईमानदारी, अनुशासन और पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। अब सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने परिवार, समाज और रिश्तेदारों के बीच रहकर जीवन के इस नए अध्याय की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्दी उतर सकती है, लेकिन समाज और राष्ट्र की सेवा का भाव कभी समाप्त नहीं होता। भविष्य में भी वे अपने अनुभवों के माध्यम से समाज के हित में सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करते रहेंगे।

उनके सम्मान में कुछ पंक्तियाँ
“वर्दी का मान बढ़ाया जिसने,
हर संकट में फर्ज निभाया जिसने।
आज सलाम करता है पूरा समाज,
कर्तव्य को जीवन बनाया जिसने।”
“सफर खत्म नहीं, बस जिम्मेदारी का रूप बदला है,
आज भी दिल में वही देशसेवा का हौसला है।
वर्दी भले उतर गई कंधों से,
लेकिन सम्मान हमेशा सिर पर सजा है।”
“ईमानदारी की राह पर जो उम्रभर चलते रहे,
हर कठिन मोड़ पर भी कभी नहीं डगमगाते रहे।
ऐसे कर्मयोगी को शत-शत नमन,
जो वर्दी की गरिमा को जीवनभर निभाते रहे।”

अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़ परिवार की ओर से नगर निरीक्षक (टीआई) श्री नागेश तिवारी को उनके निष्कलंक, साहसपूर्ण एवं प्रेरणादायी सेवाकाल के लिए हार्दिक अभिनंदन। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनका आगामी जीवन स्वस्थ, सुखमय, दीर्घायु एवं मंगलमय हो। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सेवा-भाव आने वाली पीढ़ियों के पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा


