दुर्गम वनांचल के 151 परिवारों तक ट्रैक्टर से पहुंचा तीन माह का राशन, जिला प्रशासन की अनूठी पहल
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नारायणपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मानसून से पहले छह दूरस्थ गांवों में अग्रिम खाद्यान्न वितरण, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को मिली बड़ी राहत
नारायणपुर ACGN :- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप नारायणपुर जिला प्रशासन ने दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए सराहनीय पहल की है। मानसून के दौरान संपर्क बाधित होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने ट्रैक्टरों के माध्यम से छह दूरस्थ गांवों में तीन माह का अग्रिम राशन पहुंचाकर 151 राशनकार्डधारी परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के पहुंचविहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर राशन दुकानों की स्थापना, ट्रैक्टर के माध्यम से डोर-स्टेप डिलीवरी तथा मानसून से पहले तीन माह का अग्रिम राशन भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल गांवों तक राशन सामग्री पहुंचाई गई।

खाद्य विभाग के अनुसार इन छह गांवों के कुल 151 राशनकार्डधारी परिवारों को जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया। इनमें मुरुमवाड़ा के 98 परिवार, दिवालूर के 32 परिवार, गुडेकोर के 13 परिवार, धोबे के 3 परिवार, हरबेल के 3 परिवार तथा बोटेर के 2 परिवार शामिल हैं।
घने जंगलों, कच्चे रास्तों और नदी-नालों से घिरे इन गांवों में बरसात के दौरान आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को राशन लेने के लिए लंबी और जोखिमभरी दूरी तय करनी पड़ती थी। जिला प्रशासन ने इस समस्या का समाधान करते हुए ट्रैक्टरों के माध्यम से खाद्यान्न सीधे गांवों तक पहुंचाया, जिससे हितग्राहियों को अपने गांव में ही राशन उपलब्ध हो गया।
खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों को इस व्यवस्था से बड़ी राहत मिली है।
जिला प्रशासन ने कहा कि उसका उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था और अग्रिम खाद्यान्न भंडारण जैसी व्यवस्थाओं को लगातार प्रभावी बनाया जा रहा है।
प्रदीप मिश्रा
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