विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार
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महासमुंद, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
यूनेस्को विश्व विरासत सूची से लेकर आधुनिक पर्यटन सुविधाओं तक, सिरपुर को मिलेगा नया स्वरूप
महासमुंद ACGN:- छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को गति देते हुए पर्यटन विभाग द्वारा उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित अंतर्विभागीय समिति की बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सिरपुर को यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल कराने के लिए तैयार किए जा रहे प्रस्ताव को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सिरपुर की बौद्ध, जैन और हिंदू संस्कृति से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें।
पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए स्थानीय गाइडों को प्रशिक्षित करने, उनकी सूची तैयार करने और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर संपर्क विवरण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही गाइडों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन एवं कैंटीन जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी। इससे पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सिरपुर की पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास पार्किंग, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया, स्मृति चिन्ह केंद्र सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसमें ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत सहित सिरपुर से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और भव्य बनाने पर भी सहमति बनी। महोत्सव के माध्यम से सिरपुर की संस्कृति, कला और इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी। दक्षिण एशियाई देशों से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई।
राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क और तमिलनाडु के केलडी संग्रहालयों का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही सिरपुर से जुड़े पुरावशेषों को वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से प्रयास किए जाएंगे।
सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन या विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को सभी विकास कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सिरपुर का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगा।
प्रदीप मिश्रा
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