कोटमीकला ज्वेलरी व्यापारी हत्याकांड का खुलासा, लूट और हत्या में शामिल सातों आरोपी गिरफ्तार
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
दो सप्ताह के भीतर पुलिस ने सुलझाया अंधा कत्ल, बिहार-झारखंड तक चलाया गया ऑपरेशन, हथियार, कारतूस और लूटे गए आभूषण बरामद
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ACGN:- कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या और लाखों रुपये के सोना-चांदी की लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र (TechINT एवं HumINT) का उपयोग करते हुए इस जघन्य अपराध में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त देशी कट्टे, जिंदा कारतूस, वाहन और लूटे गए आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
ज्ञात हो कि 26 मई 2026 को कोटमीकला के साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी व्यापारी प्रदीप सोनी से लूटपाट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे थे और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

घटना के बाद जिले सहित बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया। लगातार दो सप्ताह तक चले अभियान में तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन, मुखबिर सूचना और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो सका।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने बिहार और झारखंड के आपराधिक पृष्ठभूमि वाले साथियों राहुल उर्फ मनीष मंडल, राजू उर्फ सरगुन उर्फ सुजीत, संतोष कुमार दास तथा अपने भतीजे राजाराम साहू के साथ मिलकर वारदात की साजिश रची थी। गिरोह ने पहले कई दिनों तक साप्ताहिक बाजारों में सोना-चांदी व्यापारियों की गतिविधियों की रेकी की और फिर कोटमीकला बाजार को निशाना बनाया।

घटना वाले दिन 26 मई की शाम लगभग सात बजे आरोपियों ने ज्वेलरी व्यापारी प्रदीप सोनी से आभूषणों से भरा बैग लूटने का प्रयास किया। जब व्यापारी ने विरोध किया तो आरोपी राहुल उर्फ मनीष मंडल ने अवैध हथियार से गोली चला दी। गोली लगने से प्रदीप सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कुछ आरोपी जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में छिपे रहे जबकि अन्य ने लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए लूट के दौरान उपयोग किए गए कुछ सामानों और पैकिंग सामग्री को जला दिया था।
पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल उर्फ मनीष मंडल को बिहार के बांका जिले से, राजू उर्फ सुजीत को बिहार के रजौन क्षेत्र से तथा संतोष कुमार दास को झारखंड के गोड्डा जिले से गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों को छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो देशी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा, सात मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल और एक स्विफ्ट कार जब्त की है। इसके अलावा लूटे गए लगभग 40 ग्राम सोने और 4 किलो 480 ग्राम चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। हथियार और आभूषणों का कुछ हिस्सा आरोपियों ने पहाड़ी क्षेत्र और रेलवे ट्रैक के समीप छिपाकर रखा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से तीन आरोपी बिहार और झारखंड में पहले से लूट और चोरी के कई मामलों में शामिल रहे हैं। इनके विरुद्ध विभिन्न जिलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
इस बड़ी सफलता में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा, एसडीओपी मरवाही श्री राजेश देवांगन, एसडीओपी पेंड्रा श्री श्याम सिदार सहित बिलासपुर रेंज, जीपीएम जिला, साइबर सेल और विभिन्न पुलिस इकाइयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दो सप्ताह के भीतर इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। क्षेत्र के व्यापारियों और आम नागरिकों ने भी पुलिस कार्रवाई की सराहना की है।
प्रदीप मिश्रा
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