छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाना हमारा लक्ष्य : गणेश शंकर मिश्रा
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
अंजोर विजन-2047 के जरिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण पर जोर, बस्तर अंजोर पहल से आदिवासी अंचल के सर्वांगीण विकास की तैयारियां तेज
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘‘अंजोर विजन-2047’’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब विभागीय समन्वय, सटीक आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण और परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति को प्राथमिकता दी जाएगी।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग में आयोजित स्टेट सपोर्ट मिशन (एसएसएम), प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) एवं मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (एम एंड ई) यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि ‘‘अंजोर विजन-2047’’ राज्य के दीर्घकालिक विकास का व्यापक रोडमैप है। इसमें आर्थिक विकास, सुशासन, सामाजिक प्रगति, निवेश संवर्धन और मानव विकास से जुड़े स्पष्ट एवं व्यवहारिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) और अंजोर विजन-2047 एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी विभागों को अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को इन उद्देश्यों के अनुरूप संचालित करना होगा। इस दिशा में राज्य नीति आयोग के अंतर्गत गठित विभिन्न इकाइयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
श्री मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब राज्य का लक्ष्य केवल रैंकिंग में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य को कृषि उत्पादकता, औद्योगिक विकास, महिला श्रम भागीदारी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों और विशेषज्ञों से कहा कि वे विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) के आधार पर समीक्षा, नीति विश्लेषण, निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया को मजबूत करें। उन्होंने नवाचार, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।
कार्यक्रम में श्री मिश्रा ने बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण बातें रखीं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण तिथि रही, जब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हुआ। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के उस संकल्प का उल्लेख किया, जिसमें बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बस्तर के विकास के लिए ‘‘बस्तर अंजोर’’ पहल के तहत सात प्रमुख नवाचारों को लागू किया जाएगा। इससे बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुशासन और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा तथा यह क्षेत्र विकास का नया मॉडल बनकर उभरेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और राज्य नीति आयोग के संयुक्त प्रयासों से अंजोर विजन-2047 के लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकेंगे और छत्तीसगढ़ समावेशी, सतत एवं विकसित राज्य के रूप में देश में नई पहचान स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री आशीष कुमार भट्ट, सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम तथा यूएनडीपी के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित थे।
प्रदीप मिश्रा
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