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श्रमिकों के बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास, मुख्यमंत्री ने 22 मेधावियों को किया सम्मानित

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय

श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियां अब डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासक बनेंगे, 28 हजार से अधिक हितग्राहियों को 7.79 करोड़ रुपये की सहायता राशि

रायपुर ACGN:- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि श्रमिक अपने परिश्रम, समर्पण और संघर्ष से देश और समाज के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों के लिए सुख-सुविधाओं का निर्माण करते हैं, इसलिए श्रमिक वास्तव में राष्ट्र निर्माता हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।


मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें 10वीं कक्षा के 9 तथा 12वीं कक्षा के 13 विद्यार्थी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, त्याग और मेहनत की प्रेरणादायक कहानी है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे कभी स्वयं को किसी से कम न समझें। कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर इन बच्चों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, प्रशासक और विभिन्न उच्च पदों पर पहुंचकर प्रदेश एवं देश की सेवा करें। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर अध्ययन और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए लगभग 70 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने श्रमिक परिवारों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा अन्य जरूरतमंद श्रमिकों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की अपील की।


मुख्यमंत्री ने अपने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सल पीएफ नंबर जैसी व्यवस्था लागू होने से श्रमिकों को भविष्य निधि संबंधी समस्याओं से राहत मिली है। न्यूनतम पेंशन और स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में अंतरित की। यह राशि निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना एवं पेंशन सहायता योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान की गई।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि तथा एक लाख रुपये दोपहिया वाहन खरीदने के लिए प्रदान किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मंडल द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उन्हें प्राप्त सहायता राशि का उपयोग उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में किया जाएगा।


विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के सचिव एवं श्रम आयुक्त हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में श्रमिक तथा उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

प्रदीप मिश्रा
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