दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन के लिए चलेगा विशेष सर्वे, कोई भी पात्र बच्चा न छूटे: कलेक्टर रेना जमील
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और सहायता के लिए 17 जुलाई तक चलेगा व्यापक सर्वेक्षण
सूरजपुर ACGN:- जिले में 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के चिन्हांकन के लिए व्यापक सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समग्र शिक्षा विभाग द्वारा बैठक सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर रेना जमील ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांग बच्चा सर्वेक्षण से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण कार्य पूरी संवेदनशीलता और बारीकी के साथ किया जाए तथा घर-घर पहुंचकर बच्चों की पहचान सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने कहा कि कई प्रकार की दिव्यांगताएं ऐसी होती हैं, जिन्हें सामान्य तौर पर देखकर पहचानना संभव नहीं होता। इसलिए प्रत्येक प्रकार की दिव्यांगता के लक्षणों की गहन जांच और सही श्रेणी निर्धारण के लिए विशेष कार्ययोजना एवं चेकलिस्ट तैयार कर कार्य किया जाए। उन्होंने सर्वे प्रपत्र भरने और डिजिटल डेटा एंट्री में पूर्ण शुद्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले में 4 जून से 17 जुलाई 2026 तक दिव्यांग बच्चों के सत्यापन एवं चिन्हांकन का कार्य किया जाएगा। इस दौरान बच्चों की आधार कार्ड संबंधी जानकारी का भी सत्यापन किया जाएगा। सर्वेक्षण का उद्देश्य प्रत्येक दिव्यांग बच्चे की पहचान कर उन्हें शिक्षा, सहायक उपकरण, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को दिव्यांगता की पहचान, सर्वे प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, डिजिटल एंट्री तथा विभिन्न श्रेणियों के निर्धारण संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। केस स्टडी के माध्यम से प्रतिभागियों को दिव्यांगता के विभिन्न लक्षणों की पहचान करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में कुल 3461 दिव्यांग बच्चे चिन्हांकित हैं। इनमें दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, चलन बाधित, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट अधिगम अक्षमता, सिकल सेल सहित लगभग 20 प्रकार की दिव्यांगता श्रेणियां शामिल हैं। विकासखंडवार आंकड़ों में सूरजपुर में सर्वाधिक 1017, प्रतापपुर में 645, भैयाथान में 612, ओड़गी में 595, रामानुजनगर में 350 तथा प्रेमनगर में 242 दिव्यांग बच्चे दर्ज हैं।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि दूर की वस्तुएं स्पष्ट दिखाई न देना, किताब को आंखों के अत्यधिक पास लाकर पढ़ना कम दृष्टि के लक्षण हो सकते हैं। वहीं बार-बार निर्देश दोहराने की आवश्यकता और तेज आवाज में सुनना श्रवण बाधिता के संकेत हैं। इसी प्रकार पढ़ने-लिखने और गणितीय कार्यों में कठिनाई विशिष्ट अधिगम अक्षमता का लक्षण हो सकती है।
कलेक्टर रेना जमील ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सही पहचान ही सही सहायता का आधार है। इसलिए सर्वेक्षण कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंच सके।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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