ब्रिक्स डीआरआर कार्य समूह की तीन दिवसीय बैठक शुरू, आपदा प्रबंधन के वैश्विक मॉडल पर मंथन
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पुरी, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजया नंद जी महाराज
पूर्व चेतावनी प्रणाली, जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचा और पारंपरिक ज्ञान पर होगी व्यापक चर्चा
पुरी ACGN :- ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) कार्य समूह की दूसरी तकनीकी बैठक बुधवार से पुरी में प्रारंभ हो गई। तीन दिनों तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स के सदस्य एवं साझेदार 11 देशों के नीति-निर्माता, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। बैठक में आपदा जोखिम को कम करने, आपदा सहनशीलता बढ़ाने तथा वैश्विक सहयोग को मजबूत बनाने की रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह पहली प्रत्यक्ष (इन-पर्सन) तकनीकी बैठक है, जो 5 जून तक चलेगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी बैठक में शामिल होकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखेंगे।

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि इससे पहले 29 और 30 अप्रैल को ब्रिक्स डीआरआर कार्य समूह की पहली तकनीकी बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पहली बार इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय बैठक का आयोजन राज्य के लिए गौरव की बात है।
बैठक के दौरान आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सतत वित्तपोषण, लचीले एवं मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण, पूर्वानुमान आधारित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा पारंपरिक और स्थानीय ज्ञान के समावेशन जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की जा रही है। इसके अलावा सामुदायिक आधारित आपदा प्रबंधन, आपदा जोखिम वित्तपोषण, बहु-आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली, जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचा, प्रकृति आधारित समाधान, स्वदेशी ज्ञान तथा विज्ञान एवं तकनीक की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।

गौरतलब है कि ब्रिक्स समूह में प्रारंभिक रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के शामिल होने के बाद इसका विस्तार हुआ, जबकि वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का सदस्य बना।
बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इसे ओडिशा के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि यह आयोजन राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को वैश्विक स्तर पर मिली पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह मंच ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित आपदा प्रबंधन मॉडल को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने तथा सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक वैश्विक आपदा प्रबंधन सहयोग को नई दिशा देगी और भविष्य में आपदा जोखिमों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

वहीं, विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी इस आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 1999 के विनाशकारी सुपर साइक्लोन के बाद ओडिशा ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। मजबूत बुनियादी ढांचे, समयपूर्व तैयारी और सामुदायिक भागीदारी के बल पर राज्य ने “जीरो कैजुअल्टी” दृष्टिकोण के लिए वैश्विक पहचान बनाई है।
विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि बैठक शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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