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‘अंजोर लाइट’ को कैबिनेट की मंजूरी, एडीबी देगा 15 करोड़ का अनुदान; विजन-2047 को मिलेगी नई रफ्तार

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009

ADB की तकनीकी सहायता से लोक वित्त प्रबंधन, हरित वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पीपीपी और संस्थागत सुधारों को मिलेगा बढ़ाव

रायपुर ACGN:- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विकास को गति देने से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। मंत्रिपरिषद ने एशियन डेवलपमेंट बैंक की तकनीकी सहायता से संचालित होने वाली ‘अंजोर लाइट’ परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना के लिए एडीबी की ओर से 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान प्राप्त होगा। खास बात यह है कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार अथवा भारत सरकार को किसी प्रकार का वित्तीय अंशदान नहीं करना होगा, जिससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
‘अंजोर लाइट’ यानी अंजोर लिंक्ड इंप्लीमेंटेशन एंड गाइडेंस फॉर होलिस्टिक ट्रैकिंग परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 में निर्धारित प्राथमिकताओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करना, उनकी लगातार निगरानी करना और परिणामों का मूल्यांकन करना है। परियोजना के माध्यम से राज्य की विकास योजनाओं को अधिक व्यवस्थित, परिणाम आधारित और संस्थागत रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।
यह परियोजना तीन वर्षों की अवधि के लिए संचालित होगी। इसका कार्यकाल 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक निर्धारित किया गया है। परियोजना का समन्वय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के माध्यम से किया जाएगा, जबकि राज्य स्तर पर वित्त विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है। परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संचालनालय संस्थागत वित्त को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही निगरानी और विभागों के बीच समन्वय के लिए परियोजना निगरानी इकाई का गठन भी किया जाएगा।
परियोजना के माध्यम से राज्य में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में विकास एवं निर्माण परियोजनाओं की एक व्यवस्थित परियोजना सूची तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य की योजनाओं को आवश्यकता, संसाधन और संभावित परिणामों के आधार पर आगे बढ़ाया जा सके। बजट निर्माण और सरकारी खरीद व्यवस्था में सुधार के साथ परिणाम आधारित बजट प्रणाली को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पक्ष हरित वित्त और जलवायु अनुकूल विकास से जुड़ा हुआ है। रियायती जलवायु वित्त की उपलब्धता बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से ऐसे विकास मॉडल तैयार करने का प्रयास होगा, जिनमें आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी महत्व दिया जाए।
वर्तमान समय में तेजी से बढ़ती तकनीकी जरूरतों को देखते हुए परियोजना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संस्थागत क्षमता विकास को भी विशेष स्थान दिया गया है। सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने, निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग के लिए अधिकारियों एवं संस्थाओं की क्षमता विकसित करने पर काम किया जाएगा।
इसके अलावा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से नई परियोजनाओं को विकसित करने की दिशा में भी तकनीकी सहायता मिलेगी। विजन-2047 के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अवधारणा योजना, व्यवहार्यता अध्ययन और तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर नई पीपीपी परियोजनाएं तैयार की जाएंगी। इससे राज्य में निजी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और बड़े विकास कार्यों को नए वित्तीय मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के अंतर्गत राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। सार्वजनिक उपक्रमों की ऋण वहन क्षमता, लाभप्रदता और वित्तीय स्थिरता का आकलन कर आवश्यक सुधारों के लिए तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मिश्रित एवं वैकल्पिक वित्तीय संसाधनों तक उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधारों पर भी काम किया जाएगा।
राज्य सरकार को आर्थिक और वित्तीय नीतियों से जुड़े निर्णयों के लिए व्यापक आर्थिक एवं राजकोषीय विश्लेषण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी परियोजना का हिस्सा होगी। इससे सरकार को विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और भविष्य की वित्तीय रणनीति तैयार करने में सहायता मिलेगी।
मंत्रिपरिषद की इस मंजूरी को छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के माध्यम से एक ओर जहां विजन-2047 के लक्ष्यों को लागू करने के लिए संस्थागत व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर हरित विकास, सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, निजी निवेश, तकनीकी क्षमता और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 15 करोड़ रुपये की यह पूरी सहायता अनुदान के रूप में एडीबी से प्राप्त होगी। राज्य सरकार पर इस परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। ऐसे में बिना अतिरिक्त वित्तीय संसाधन लगाए राज्य को तकनीकी विशेषज्ञता, संस्थागत क्षमता निर्माण और विकास परियोजनाओं की बेहतर तैयारी का लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि ‘अंजोर लाइट’ परियोजना छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों को केवल दस्तावेज तक सीमित रखने के बजाय उन्हें योजनाबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। आने वाले तीन वर्षों में परियोजना के माध्यम से तैयार होने वाली परियोजना पाइपलाइन, वित्तीय सुधार और संस्थागत क्षमता राज्य के दीर्घकालिक विकास की आधारभूमि को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

प्रदीप मिश्रा
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