खनन क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगा सहयोग
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भुवनेश्वर, ओड़िशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजया नंद जी महाराज
रेल, बंदरगाह और पर्यावरण स्वीकृतियों में तेजी लाने पर जोर, खनन क्षेत्र को नई गति देने की पहल
भुवनेश्वर ACGN:- ओड़िशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने राज्य के खनन क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में ओड़िशा के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया है। सोमवार को लोक सेवा भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी के साथ खनन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री माझी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ओड़िशा में लगभग 471 मिलियन टन खनिज उत्पादन हुआ है, जिससे राज्य को करीब 46 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध ओड़िशा देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, लेकिन इस क्षेत्र में और अधिक प्रगति के लिए केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने नीलाम किए जा चुके खनिज ब्लॉकों के लिए वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। उन्होंने शासुबहुमाली बॉक्साइट ब्लॉक एवं ठाकुरनी लौह अयस्क ब्लॉक को ओड़िशा खनन निगम (ओएमसी) को आवंटित किए जाने की मांग भी रखी। इसके साथ ही खनिज परिवहन को अधिक प्रभावी, सुगम और कम लागत वाला बनाने के लिए रेल नेटवर्क और बंदरगाह अवसंरचना के शीघ्र विकास पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने परित्यक्त कोयला खदानों को फ्लाई एश के माध्यम से भरने के लिए आवश्यक ढांचा विकसित करने तथा खनिजों के उन्नत विश्लेषण एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि खनन क्षेत्र से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए रेल, बंदरगाह, वन एवं पर्यावरण सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर विभिन्न मुद्दों के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने का आश्वासन दिया।
बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, स्थानीय लोगों के कल्याण, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) निधि तथा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व का लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों और स्थानीय समुदायों तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव सुश्री अनु गर्ग सहित राज्य एवं केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न केंद्रीय खनन सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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