खरीफ 2026 के लिए रासायनिक उर्वरकों की नवीन विक्रय दरें जारी
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
सहकारी समितियों के माध्यम से निर्धारित दरों पर उपलब्ध होंगे उर्वरक, किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग की अपील
सूरजपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिए रासायनिक उर्वरकों की नवीन विक्रय दरें जारी कर दी गई हैं। जारी आदेश के अनुसार यूरिया, डीएपी, विभिन्न ग्रेड के एनपीके उर्वरक तथा एमओपी उर्वरक का विक्रय सहकारी समितियों एवं विपणन संघ के माध्यम से निर्धारित दरों पर किया जाएगा।
जारी दर सूची के अनुसार 45 किलोग्राम यूरिया की एक बोरी का मूल्य 266.50 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार 50 किलोग्राम डीएपी उर्वरक 1,350 रुपये प्रति बोरी की दर से किसानों को उपलब्ध होगा। एनपीके 12:32:16 तथा एनपीके 10:26:26 उर्वरक की कीमत 1,990 रुपये प्रति बोरी निर्धारित की गई है, जबकि एनपीके 20:20:0:13 उर्वरक 1,850 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं एमओपी उर्वरक का विक्रय मूल्य 1,975 रुपये प्रति बोरी तय किया गया है।
विपणन संघ द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। हालांकि सहकारी समितियों एवं विपणन संघ के पास उपलब्ध पुराने स्टॉक का विक्रय पूर्व निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही किया जाएगा। नई एमआरपी वाले उर्वरकों की प्राप्ति के बाद उनका विक्रय नवीन दरों के अनुसार किया जाएगा।

कृषि विभाग ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का चयन करने तथा संतुलित पोषण के लिए डीएपी के साथ एनपीके एवं एमओपी जैसे उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार एनपीके ग्रेड उर्वरकों में नत्रजन एवं फास्फोरस के साथ पोटाश अथवा सल्फर भी उपलब्ध होता है, जिससे फसलों को संतुलित पोषण मिलता है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है।
विभाग ने किसानों से डीएपी का अत्यधिक उपयोग नहीं करने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की अपील की है। किसानों को अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने, खरीद के समय रसीद अवश्य लेने तथा उर्वरकों का भंडारण सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर करने की सलाह भी दी गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके 12:32:16 प्रारंभिक वृद्धि एवं जड़ विकास के लिए उपयोगी है। एनपीके 20:20:0:13 में सल्फर की उपलब्धता होने के कारण यह दलहनी एवं तिलहनी फसलों के लिए लाभकारी माना जाता है। वहीं एनपीके 10:26:26 फसल की वृद्धि, दानों की गुणवत्ता एवं उत्पादन बढ़ाने में सहायक है। एमओपी के उपयोग से पोटाश की पूर्ति होती है, जिससे फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा उपज की गुणवत्ता में सुधार होता है।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों से निर्धारित दरों पर ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अधिक दर वसूली, कालाबाजारी अथवा अनियमितता की जानकारी संबंधित अधिकारियों को तत्काल दें।
“संतुलित उर्वरक उपयोग अपनाएं और अधिक उत्पादन से अधिक लाभ पाएं” के संदेश के साथ विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक खेती को अपनाने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space

