प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी के आरोप, अधूरे मकानों को पूर्ण दिखाने का मामला गरमाया
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
कोरंधा सहित कई पंचायतों में अनियमितता के आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और भौतिक सत्यापन की मांग उठाई
सूरजपुर ACGN:- प्रतापपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरंधा सहित कई पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधूरे आवासों को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाकर राशि का आहरण कर लिया गया है, जिससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, वे आज भी अधूरे निर्माण वाले घरों में रहने को मजबूर हैं। कई आवासों में न तो छत पूरी है और न ही दरवाजे-खिड़कियां लगी हैं, फिर भी रिकॉर्ड में उन्हें पूर्ण बता दिया गया है।
आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ मामलों में अन्य मकानों की तस्वीरों का उपयोग कर अधूरे आवासों को पूर्ण दिखाया गया और उसी आधार पर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि वास्तविक स्थिति और दस्तावेजों में भारी अंतर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई हितग्राहियों को योजना की किस्तों और भुगतान की पूरी जानकारी नहीं दी गई, जिससे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि आवास पूर्ण होने के बाद मिलने वाली मजदूरी राशि निकालने के लिए अधूरे मकानों को जल्दबाजी में पूर्ण दिखाने की प्रक्रिया अपनाई गई है।
ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली पर भी ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ही सचिव को कई पंचायतों का प्रभार दिए जाने से योजनाओं की निगरानी प्रभावित हो रही है। रोजगार सहायकों और आवास मित्रों की भूमिका पर भी ग्रामीणों ने असंतोष जताया है, और आरोप लगाया है कि कई कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।

सबसे गंभीर आरोप ऑडिट और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई मामलों में बिना मौके पर पहुंचे ही आवासों को पूर्ण घोषित कर दिया गया और कागजों में फर्जी हस्ताक्षर दर्ज किए गए।
ग्रामीणों ने जनपद और जिला पंचायत स्तर के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि भौतिक सत्यापन किया जाए तो बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रधानमंत्री आवास योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।
प्रदीप मिश्रा
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