“महंगाई, ईंधन संकट और भ्रष्टाचार पर गरजे जय सिंह अग्रवाल, केंद्र और राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप”
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कोरबा छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल की विस्फोटक प्रेस वार्ता
केंद्र और राज्य सरकार पर महंगाई, ईंधन संकट, शिक्षा, शराब नीति, पट्टा विवाद और कोरबा की स्थानीय समस्याओं पर तीखा हमला
केंद्र सरकार पर महंगाई और ईंधन संकट को लेकर गंभीर आरोप
कोरबा। पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की अस्थिरता का सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की किल्लत और कीमतों पर पड़ा है, लेकिन सरकार ने समय रहते कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई, जिसके कारण आज आम जनता को महंगाई का भारी बोझ उठाना पड़ रहा है और परिवहन, खेती तथा रोजमर्रा की जरूरतें लगातार महंगी होती जा रही हैं।
प्रधानमंत्री की अपील पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से पेट्रोल, डीजल, तेल, गैस, उर्वरक और अन्य संसाधनों की खपत कम करने की अपील यह दर्शाती है कि सरकार आर्थिक दबाव को नियंत्रित करने में असफल हो रही है और अब समाधान देने के बजाय जिम्मेदारी जनता पर डाली जा रही है, जबकि सरकार का कर्तव्य नीति बनाकर राहत देना होता है न कि जनता से ही कटौती की मांग करना।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति अचानक नहीं बनी, बल्कि लंबे समय से संकेत मिल रहे थे कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहरा सकता है, लेकिन केंद्र सरकार ने समय रहते कोई ठोस रणनीति तैयार नहीं की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब वैश्विक संकट शुरू हुआ, उस समय देश में राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी प्रक्रियाएं प्राथमिकता में थीं, जबकि आर्थिक तैयारी और ऊर्जा सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
राहुल गांधी की चेतावनियों को नजरअंदाज करने का आरोप
जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहले ही सरकार को आगाह किया था कि यदि महंगाई, ईंधन नीति और कृषि लागत पर नियंत्रण नहीं किया गया तो देश आर्थिक संकट में जा सकता है, लेकिन इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया गया और आज वही स्थिति सामने है जिसकी आशंका पहले जताई गई थी।
महंगाई का आम जनता पर सीधा असर
उन्होंने कहा कि जब ईंधन महंगा होता है तो हर वस्तु की लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई एक श्रृंखला की तरह पूरे अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्य तेल, दालें और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि ने मध्यम और गरीब वर्ग की कमर तोड़ दी है, जहां एक ओर आय स्थिर है वहीं दूसरी ओर खर्च तेजी से बढ़ रहा है जिससे लोगों की बचत खत्म हो रही है और परिवार कर्ज के बोझ में दबते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महंगाई का असर केवल बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव परिवहन, कृषि, निर्माण और छोटे व्यवसायों पर पड़ रहा है।
ऊर्जा नीति और तैयारी पर सवाल
उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए क्रूड ऑयल भंडारण और वैकल्पिक ऊर्जा नीति पर अपेक्षित काम नहीं हुआ है, जबकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी क्षेत्र है, लेकिन सरकार की धीमी कार्यप्रणाली के कारण आज देश वैश्विक संकटों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है।
राज्य सरकार पर योजनाओं के नाम बदलने का आरोप
जय सिंह अग्रवाल ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाय पुराने कांग्रेस शासन के समय स्वीकृत कार्यों का नाम बदलकर उन्हें नई उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है और जहां पहले भूमि पूजन हो चुका था वहां अब पुनः लोकार्पण कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है।
पुराने सैंक्शन कार्य निरस्त करने पर सवाल
उन्होंने कहा कि कई पुराने स्वीकृत विकास कार्यों को निरस्त कर नई निविदाएं निकाली जा रही हैं, जिससे पहले से तय परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ रही है, जो प्रशासनिक अस्थिरता का संकेत है।
पट्टा वितरण और 2023 कानून पर विवाद
उन्होंने कहा कि 2023 में कांग्रेस सरकार द्वारा बनाया गया पट्टा कानून जिसे पहले फर्जी बताया गया था, आज उसी कानून के आधार पर पट्टा वितरण किया जा रहा है, जिससे यह सवाल उठता है कि यदि कानून गलत था तो उसी आधार पर आज उसका उपयोग कैसे हो रहा है और जनता के बीच भ्रम की स्थिति क्यों बनाई जा रही है।
कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष की स्थिति पर टिप्पणी
उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में चार विधानसभा क्षेत्रों में तीन विधानसभा क्षेत्रों का नेतृत्व करने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष को अपने ही कार्यालय के सामने धरना देने की स्थिति बनना प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है और यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय कमजोर हो गया है।
बुधवारी बाजार बंद होने पर तीखा हमला
उन्होंने कहा कि बुधवारी बाजार केवल व्यापारिक स्थान नहीं बल्कि हजारों गरीब परिवारों की आजीविका का केंद्र था, जहां मटके बेचने वाले, टोकनी बनाने वाले और ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जी व भाजी लाकर बेचने वाले छोटे व्यापारी अपनी रोजी-रोटी चला रहे थे, लेकिन अब इसे चारों ओर बाउंड्री वॉल से बंद कर दिया गया है जिससे छोटे व्यापारियों की आय समाप्त हो गई है और यह निर्णय गरीबों की आजीविका पर सीधा प्रभाव डाल रहा है।
शिक्षा व्यवस्था और स्वामी आत्मानंद स्कूल पर सवाल
उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना गरीब बच्चों के लिए बनाई गई थी, लेकिन आज कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी, संसाधनों की कमी और गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है और बच्चों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
शराब नीति पर विरोधाभास का आरोप
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शराब नियंत्रण और सामाजिक संतुलन की दिशा में प्रयास किए गए थे, लेकिन पूर्ण शराबबंदी व्यावहारिक परिस्थितियों के कारण संभव नहीं हो सकी, जबकि वर्तमान सरकार पहले शराबबंदी की बात करती थी लेकिन अब शराब दुकानों का विस्तार किया जा रहा है और राजस्व बढ़ाने के नाम पर नीति बदली जा रही है जो स्पष्ट विरोधाभास को दर्शाता है।
अवैध नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गांजा और अफीम जैसी अवैध गतिविधियों के मामले सामने आ रहे हैं, जो कानून व्यवस्था और समाज के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं और सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें जनता की वास्तविक समस्याओं से दूर हो चुकी हैं और केवल राजनीतिक प्रचार, श्रेय की राजनीति और बयानबाजी में व्यस्त हैं, जबकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रही है और आने वाले समय में इसका प्रभाव राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर जरूर दिखाई देगा।
प्रदीप मिश्रा
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