वैदिक मंत्रों के बीच खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा हिमालय
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बद्रीनाथ, उत्तराखंड
By ACGN 7647981711, 9303948009
शंकराचार्य की उपस्थिति में चौथी बार ऐतिहासिक क्षण, सीएम धामी ने प्लास्टिक मुक्त यात्रा का दिया संदेश
उत्तराखंड के पवित्र हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ मंदिर के कपाट आज बैशाख शुक्ल सप्तमी के शुभ अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए जिससे चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गरिमामयी उपस्थिति में यह आयोजन लगातार चौथी बार ऐतिहासिक बन गया जहां सुबह सवा छह बजे पुनर्वसु नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में मंदिर के द्वार खोले गए।
कपाटोद्घाटन से पूर्व द्वार पूजन और पंचांग पूजन की परंपराएं निभाई गईं जिसके बाद रावल अमरनाथ नंबूदरी के नेतृत्व में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। पूरे धाम को पच्चीस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था जिसमें ‘ओम लक्ष्मीपति नमो’ और ‘जय श्री बद्री नारायण’ जैसे पवित्र संदेश आकर्षण का केंद्र बने। जैसे ही कपाट खुले पूरा वातावरण भगवान बद्री विशाल के जयकारों और मंत्रोच्चारण से भक्तिमय हो उठा और हजारों श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इससे पूर्व 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम तथा 22 अप्रैल को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार माता लक्ष्मी को गर्भगृह से निकालकर लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया गया जबकि भगवान कुबेर और उद्धवजी को गर्भगृह में स्थापित कर भगवान बद्री विशाल का अभिषेक और श्रृंगार किया गया।
कपाट खुलने के अवसर पर माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक झुमैलो नृत्य प्रस्तुत कर लोक संस्कृति की छटा बिखेरी वहीं देशभर से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर अपनी आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की अपील करते हुए विशेष रूप से प्लास्टिक मुक्त यात्रा पर जोर दिया और सभी से स्वच्छता एवं नियमों के पालन में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने माणा गांव का दौरा कर स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों से संवाद भी किया।
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ अब आगामी छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर सकेंगे और इस पावन यात्रा का पुण्य लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बना सकेंगे।
प्रदीप मिश्रा
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