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रायगढ़ में फिर उजागर हुई अफीम की खेती, लैलूंगा में 2 आरोपी गिरफ्तार,आखिर कब लगेगी अवैध खेती पर लगाम?

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रायगढ़ छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 2 डिसमिल भूमि पर उगाई गई पोस्ता फसल नष्ट
रायगढ़/लैलूंगा। रायगढ़ जिले में अवैध अफीम (पोस्ता) की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम नवीन घाटगांव का है, जहां 2 डिसमिल भूमि पर अवैध रूप से पोस्ता (पॉपी) की खेती किए जाने की सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।

सुचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ एसडीएम, तहसीलदार और कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और खेत का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खेत में पोस्ता के पौधे पाए गए। इसके बाद अधिकारियों ने विधिवत कार्रवाई करते हुए अवैध फसल को मौके पर ही उखाड़कर नष्ट कर दिया।


कार्रवाई के दौरान मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है
साधराम नागवंशी, पिता तंगनी नागवंशी, आयु 60 वर्ष, निवासी ग्राम नवीन घाटगांव
अभिमन्यु नागवंशी, पिता चैयरसम नागवंशी, आयु 20 वर्ष, निवासी ग्राम नवीन घाटगांव


पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसका स्रोत क्या है और इसका उद्देश्य क्या था।
जिले में दूसरी बड़ी घटना
गौरतलब है कि रायगढ़ जिले में यह अफीम की खेती का दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम आमाघाट में तरबूज और ककड़ी की खेती की आड़ में लगभग एक एकड़ भूमि पर अफीम की खेती का भंडाफोड़ हुआ था। उस मामले में भी प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर अवैध फसल को नष्ट किया था।
बड़ा सवाल  आखिर कैसे फैल रही है अफीम की खेती?
रायगढ़ जिले में एक के बाद एक सामने आ रहे ऐसे मामलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम की खेती का जाल कैसे फैल रहा है, इसके पीछे कौन लोग हैं और क्या यह कोई संगठित नेटवर्क है?
लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि शासन और प्रशासन इस अवैध खेती की जड़ों तक पहुंचकर इसे रोकने के लिए क्या ठोस रणनीति बनाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
निगरानी बढ़ाने के निर्देश


प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं इस तरह की अवैध खेती की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित करें।

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