पश्चिम एशिया संकट: भारत ने ऊर्जा आपूर्ति और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारी की
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नई दिल्ली, भारत
By ACGN 7647981711, 9303948009
घरेलू एलपीजी आपूर्ति सामान्य, वाणिज्यिक एलपीजी प्राथमिक क्षेत्रों को आवंटित, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम के मद्देनज़र भारत सरकार ने प्रमुख क्षेत्रों में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री परिचालन और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और त्वरित उपाय किए हैं। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है, पैनिक बुकिंग में कमी आई है और वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन में शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करें तथा जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी जारी रखें। पिछले आठ दिनों में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक संस्थाओं को लगभग 15,440 मीट्रिक टन एलपीजी उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त मिट्टी का तेल (केरोसिन) राज्यों को आवंटित किया गया है।
ऊर्जा आपूर्ति में सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता से संचालित हो रही हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी नियमित है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में डी-पीएनजी और सीएनजी-ट्रांसपोर्ट को 100% गैस आपूर्ति की जा रही है और औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80% गैस उपलब्ध कराया जा रहा है।
पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार सक्रिय हैं। क्षेत्र में 611 भारतीय नाविक 22 भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में 13 नाविकों को सुरक्षित भारत लाया गया। भारत के सभी बंदरगाहों पर परिचालन सामान्य है और जहाजरानी बाधित नहीं है।
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी और प्रवर्तन मजबूत किया है। बिहार, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश में लगभग 3,500 छापेमारी की गईं और 1,200 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए। 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और जिला स्तरीय निगरानी समितियां गठित की गई हैं।
विदेश मंत्रालय भारतीय समुदाय के संपर्क में है और लगातार सहायता और परामर्श प्रदान कर रहा है। क्षेत्र में स्थित मिशन और दूतावास 24×7 सक्रिय हैं और भारतीय समुदाय, छात्रों, फंसे हुए नागरिकों और अल्पकालिक आगंतुकों की सहायता कर रहे हैं। फरवरी से अब तक 3,50,000 से अधिक यात्री क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।
हवाई यात्रा के संदर्भ में संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 90 उड़ानों का संचालन हो रहा है, सऊदी अरब और ओमान से उड़ानें जारी हैं। कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है, लेकिन भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा को सऊदी अरब के रास्ते सुगम बनाया जा रहा है। क्षेत्रीय घटनाओं के कारण छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई और एक लापता है। भारत के मिशन मृतकों और लापता नागरिक के मामले में समन्वय कर रहे हैं।
भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और वाणिज्यिक एलपीजी में भी प्राथमिकता क्षेत्रों को ध्यान में रखा गया है। नागरिकों को घबराहट में बुकिंग न करने, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
प्रदीप मिश्रा
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