“महापौर की पाती” पहल से जनसमस्याओं का 24 घंटे के भीतर हो रहा समाधान
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
साफ-सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट से जुड़े 31 में से 29 आवेदनों का चार दिनों में हुआ निराकरण
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में शुरू की गई जनकल्याणकारी पहल “महापौर की पाती” तेजी से प्रभावी साबित हो रही है। इस पहल के तहत पिछले चार दिनों में प्राप्त जनसमस्याओं के अधिकांश आवेदनों का 24 घंटे के भीतर समाधान कर दिया गया है।
महापौर संजू देवी राजपूत और आयुक्त आशुतोष पांडे के मार्गदर्शन में शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं की बेहतरी और व्यवस्थाओं में सुधार के उद्देश्य से इस पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत पानी, बिजली और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार 16 मार्च से 19 मार्च 2026 के बीच कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें साफ-सफाई से संबंधित 7, पेयजल से जुड़े 12 तथा स्ट्रीट लाइट से जुड़े 12 आवेदन शामिल हैं। इनमें से 29 आवेदनों का तत्काल संतोषजनक निराकरण कर दिया गया है, जबकि 2 ऐसे आवेदन जिनका तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें प्रक्रिया में ले लिया गया है।
साकेत भवन में लगाए गए तीन रंगों के लेटर बॉक्स

“महापौर की पाती” व्यवस्था के तहत नगर निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत भवन कोरबा के प्रवेश द्वार पर तीन अलग-अलग रंगों के लेटर बॉक्स स्थापित किए गए हैं। लाल रंग के लेटर बॉक्स में स्ट्रीट लाइट, हरे रंग के लेटर बॉक्स में साफ-सफाई और नीले रंग के लेटर बॉक्स में पेयजल से जुड़ी समस्याओं के आवेदन डाले जा रहे हैं।
प्रभारी अधिकारियों की तय की गई जवाबदेही
इन लेटर बॉक्स में डाले गए शिकायत पत्रों को तत्काल निकालकर कंप्यूटर में दर्ज किया जाता है और संबंधित प्रभारी अधिकारियों के मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाता है। शिकायत प्राप्त होते ही अधिकारी मौके पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करते हैं और निर्धारित समय सीमा 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान सुनिश्चित करते हैं।
नगर निगम की इस व्यवस्था से आम नागरिकों को राहत मिल रही है और शहर में त्वरित समस्या समाधान की दिशा में एक सकारात्मक व्यवस्था विकसित हो रही है।
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