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जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग करवाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: मुख्यमंत्री

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009


सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर जताई संवेदना, सुरक्षा मानकों के सख्त पालन के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति से दबावपूर्वक हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीवरेज या सेप्टिक टैंक की सफाई का कार्य केवल नगर निगम अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए और इस दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।


मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हाल ही में राज्य के एक निजी बड़े अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
यह निर्देश मुख्यमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव   सोनमणि बड़ा ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वालों के लिए कानून में दंड का प्रावधान है। इसके तहत एक वर्ष तक का कारावास अथवा पचास हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में मैनुअल स्कैवेंजर्स का सर्वे कराया गया है और जिला कलेक्टरों द्वारा प्रदेश को मैनुअल स्कैवेंजर्स मुक्त घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र दिया गया है, जो राज्य के लिए सम्मान और गौरव की बात है।
बैठक में वर्ष 2018 की पूर्व बैठक की कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया गया। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के पालन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किए गए पुनः सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा चर्चा कर अनुमोदन भी किया गया।
बैठक में मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुन्नूलाल मोहले झुम्मनलाल कोरसेवाडा  मुख्य सचिव  विकासशील, पुलिस महानिदेशक  अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ सचिव  भीम सिंह, तथा नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव  एस बसवराज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और बेबाक सच्ची खबरों के साथ अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

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