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पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में बनेगा अलग संचालनालय, विकास योजनाओं पर हुई अहम चर्चा

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक, छात्रावास निर्माण और शिक्षा योजनाओं पर लिया गया निर्णय
रायपुर। विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए अलग से संचालनालय के गठन, नए छात्रावास भवनों के निर्माण और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक-शैक्षणिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है, जिनमें लगभग 95 जातियां और उनके उपसमूह शामिल हैं। सरकार इन वर्गों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और इनके उत्थान के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन वर्गों की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए संकल्पित है। इसी उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग का गठन किया गया है, ताकि योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके और इन समुदायों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए राज्य में छत्तीसगढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग और छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया है। साथ ही लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड और तेलघानी विकास बोर्ड भी स्थापित किए गए हैं, जिससे इन पारंपरिक समुदायों के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
बैठक में बताया गया कि नए बजट में पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक विकास के लिए छात्रावास, आश्रम और प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थानों की स्थापना की जा रही है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजी जा रही है, जिसके लिए लगभग 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही इंजीनियरिंग, मेडिकल, संघ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे और बैंकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के तहत ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी जिन्हें छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 55 विभागीय छात्रावास संचालित हैं, जबकि नए बजट में रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, धमतरी, रायपुर और जशपुर जिलों में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक में परिषद के सदस्यों ने भी पिछड़ा वर्ग के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और बेबाक सच्ची खबरों के साथ अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

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