पुलिस लाइन के वार्षिक निरीक्षण में अनुशासन, संसाधन और जवानों की समस्याओं पर विशेष जोर
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बिलासपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने परेड, बलवा ड्रिल और पुलिस सम्मेलन में अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए आवश्यक निर्देश

बिलासपुर, छत्तीसगढ़। रजनेश सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर द्वारा 13 मार्च 2026 को पुलिस लाइन बिलासपुर का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला पुलिस के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी तथा पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे।

वार्षिक निरीक्षण के तहत आयोजित परेड में अधिकारियों और जवानों का टर्न आउट चेक किया गया। उत्कृष्ट टर्न आउट वाले अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया, वहीं जिनका टर्न आउट मानक के अनुरूप नहीं था उन्हें अनुशासनात्मक रूप से चेतावनी और दंड भी दिया गया।

परेड के दौरान स्क्वाड ड्रिल, मार्चपास्ट, सलामी शस्त्र, शस्त्र अभ्यास, दिशा परिवर्तन, बलवा ड्रिल तथा फायरिंग अभ्यास का भी निरीक्षण किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को मौके पर ही पुरस्कृत किया गया।

परेड में कुल 326 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए, जिनमें 11 राजपत्रित अधिकारी, 17 निरीक्षक, 16 उप निरीक्षक, 16 सहायक उप निरीक्षक, 42 प्रधान आरक्षक, 178 आरक्षक तथा 46 महिला आरक्षक शामिल रहे।

परेड के बाद आयोजित पुलिस सम्मेलन में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। स्वास्थ्य, स्थानांतरण, वेतन, सेवा और आवास से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। पुलिस फैमिली क्वार्टर में पानी की समस्या के समाधान के लिए भी तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सम्मेलन के दौरान पुलिस मुख्यालय और रेंज मुख्यालय से जारी आदेशों और निर्देशों की जानकारी देते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को सतर्क, जवाबदेह, पारदर्शी और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। मोबाइल पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि बीट प्रणाली के माध्यम से पुलिस को अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनता के बीच विश्वास कायम करना चाहिए। इससे लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण भी संभव होगा। सभी थाना और चौकी प्रभारियों को बीट सिस्टम को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान बताया गया कि अनुभव एप और सशक्त एप के माध्यम से चोरी के 20 से अधिक वाहनों की बरामदगी की जा चुकी है और आगे भी इस तकनीकी व्यवस्था से चोरी के मामलों में बेहतर सफलता मिलने की संभावना है। अनुभव एप के माध्यम से थाना-चौकी की कार्यप्रणाली की नियमित फीडबैक भी प्राप्त हो रही है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का भी अवलोकन किया गया और उनके कार्यों की समीक्षा की गई। सभी शाखाओं का कार्य संतोषजनक पाया गया, वहीं संसाधनों के रखरखाव, मरम्मत और समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला पुलिस को आधुनिक और संसाधनयुक्त बनाने के लिए कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत बलवा नियंत्रण और सुरक्षा उपकरणों की खरीद की गई है, जिससे लगभग एक हजार जवानों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके अलावा कार्यालयों में फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था भी बेहतर की जा रही है।

वाहन सुविधा को मजबूत करने के लिए 16 नई बोलेरो वाहन, दो मध्यम श्रेणी के मालवाहक ट्रक और एक बस भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे थाना-चौकी स्तर पर पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। पुलिस कर्मियों के आवास के लिए 108 नए क्वार्टर स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण शीघ्र पूरा कर कर्मचारियों को आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी।
प्रदीप मिश्रा
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