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मातृ-शिशु स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता तक प्रशासन सख्त; कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्वास्थ्य व आदिम जाति कल्याण विभाग की की गहन समीक्षा

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कोरबा छत्तीसगढ़

By ACGN 7647 9817119303 948009


कोरबा | कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग की अलग-अलग समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ-शिशु कल्याण, कुपोषण, टीबी नियंत्रण, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा निर्माणाधीन अधोसंरचना कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने टीबी व कुष्ठ उन्मूलन, सिकलसेल जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण, मलेरिया नियंत्रण, आयुष्मान भारत योजना, आयुष सेवाएं, सीएचसी-पीएचसी की कार्यप्रणाली एवं निर्माणाधीन स्वास्थ्य भवनों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है, इसलिए एएनसी पंजीयन से लेकर उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान और सुरक्षित प्रसव तक सभी सेवाएं प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाएं।
कलेक्टर ने सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रसूताओं को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, अस्पतालों में वेस्ट डिस्पोजल प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित रखने तथा कहीं भी अव्यवस्था न होने देने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना एवं पोषण पुनर्वास केंद्र से जुड़े हितग्राहियों के लंबित भुगतान एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से करने को कहा। मेडिकल कॉलेज कोरबा स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की कम दर्ज संख्या पर असंतोष व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।


टीबी नियंत्रण को लेकर कलेक्टर ने सभी संदिग्ध मरीजों की एक्स-रे जांच, निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत पोषण सहायता तथा मितानिनों के माध्यम से दस किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सैचुरेटेड करने के निर्देश दिए। साथ ही डॉक्टरों की उपलब्धता, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के समय पर खुलने तथा स्टाफ की समयपालन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।


इसी क्रम में आयोजित आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने शैक्षणिक गुणवत्ता एवं अधोसंरचना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में निरंतर सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रभावी शिक्षण रणनीति, नियमित मूल्यांकन एवं विशेष मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाए। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरी के परीक्षा परिणामों को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आदिवासी बालक आश्रम पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, बिंझरा सहित विभिन्न निर्माणाधीन शैक्षणिक भवनों एवं अधीक्षक आवास, मिनीमाता बैराज से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्य नए शैक्षणिक सत्र से पूर्व एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।


बैठकों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री एस. एन. केसरी, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग श्री श्रीकांत कसेर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदीप मिश्रा
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