नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , बाढ़-साइक्लोन से तबाही, अब राहत पर भी उठे सवाल! भुवनेश्वर नगर निगम ने बढ़ाया मदद का हाथ – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

बाढ़-साइक्लोन से तबाही, अब राहत पर भी उठे सवाल! भुवनेश्वर नगर निगम ने बढ़ाया मदद का हाथ

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

गंजाम, ओडिशा

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनिल कुमार चौधरी, गंजाम

2,500 परिवारों के लिए सूखा राशन, कपड़े, 10 हजार पानी की बोतलें और एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता लेकर पहुंची भुवनेश्वर की टीम; मेयर सुलोचना दास ने बांध प्रबंधन और मुआवजे को लेकर प्रशासन पर उठाए सवाल।

गंजाम ACGN:- साइक्लोन और उसके बाद आई बाढ़ से प्रभावित ओडिशा के गंजाम जिले में राहत पहुंचाने के लिए भुवनेश्वर महानगर निगम (BMC) ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भुवनेश्वर की मेयर सुलोचना दास के नेतृत्व में निगम की एक टीम ने 2 नवंबर को गंजाम पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और जमीनी हालात का जायजा लिया।
भुवनेश्वर महानगर निगम की ओर से जिला प्रशासन को 2,500 परिवारों के लिए सूखा खाद्य सामग्री, कपड़े, 10 हजार पानी की बोतलें और एक लाख रुपये की नकद सहायता प्रदान की गई। राहत सामग्री भुवनेश्वर से ट्रक के माध्यम से गंजाम लाई गई और कलेक्टर कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई। इस दौरान बरहमपुर महानगर निगम की मेयर संघमित्रा दलाई और निगम के अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने गंजाम ब्लॉक की पोइराशी पंचायत के बारपल्ली और भुवनभुईं गांवों का दौरा किया। यहां प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी परेशानियां सुनी गईं और राहत सामग्री वितरित की गई।


दौरे के दौरान भुवनेश्वर की मेयर सुलोचना दास ने आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौसम विभाग की ओर से पहले ही चेतावनी जारी किए जाने और जिले को 24 तारीख से रेड अलर्ट पर रखे जाने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने बांधों के प्रबंधन में कथित लापरवाही को भी बाढ़ से हुई तबाही की बड़ी वजह बताया।
मेयर ने कहा कि साइक्लोन के बाद काफी समय बीतने के बावजूद पुनर्वास और नुकसान का आकलन पूरा नहीं हो पाया है। प्रभावित लोगों को मिलने वाले मुआवजे को भी उन्होंने अपर्याप्त बताया। उनका कहना था कि एक आपदा से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि एक और साइक्लोन की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी। बांध प्रबंधन की कथित खामियों के कारण आई बाढ़ से घरों और खेती की जमीनों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण कार्य कराते हुए प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देना चाहिए।
इस बीच बरहमपुर महानगर निगम की मेयर संघमित्रा दलाई और उनकी टीम ने भुवनेश्वर महानगर निगम की इस पहल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल में भुवनेश्वर नगर निगम की ओर से मेयर सुलोचना दास, बिरंची नारायण महासुपाकर, नृपेश कुमार नायक, राजकिशोर दास, मिहिर कुमार राउत, रंजुलता रे और मधुस्मिता प्रधान सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
वहीं बरहमपुर महानगर निगम की ओर से मेयर संघमित्रा दलाई, डिप्टी मेयर ई. विवेक रेड्डी और कई पार्षदों ने भी दौरे में हिस्सा लिया। इनके अलावा दुर्गा प्रसाद लायक, सूर्य नारायण सुबुद्धि, जम्मुल्ला श्रीनु, डॉ. सोनाली गनंतायत, श्वेतारेखा त्रिपाठी, धिरेस कुमार सावत, छत्रपुर के पूर्व विधायक सुभाष बेहरा और राज्य काजू निगम के पूर्व अध्यक्ष सुभाष महाराणा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आपदा की इस घड़ी में भुवनेश्वर महानगर निगम की सहायता से प्रभावित परिवारों को राहत मिली है। हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राहत सामग्री के साथ-साथ प्रभावित लोगों के घरों, खेतों और आजीविका को फिर से पटरी पर लाने के लिए पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था कितनी तेजी से होती है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें।                   7647981711, 9303948009।
अपने क्षेत्र की घटनाओं और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए हमसे जुड़ें। छत्तीसगढ़ के सभी ब्लॉक, जिला एवं पंचायत स्तर पर प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं। इच्छुक युवक-युवतियां संपर्क कर सकते हैं।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now