नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , भूलती परंपरा को फिर मिली आवाज, बच्चों ने सजाया गह्मा ढिआं का रंग – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

भूलती परंपरा को फिर मिली आवाज, बच्चों ने सजाया गह्मा ढिआं का रंग

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

बरहमपुर, गंजाम, ओडिशा
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनिल कुमार चौधरी, गंजाम

सरस्वती शिशु मंदिर में बलभद्र जयंती, रक्षाबंधन और गह्मा पूर्णिमा का आयोजन, बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मोहा मन

बरहमपुर ACGN:- ओडिशा की समृद्ध लोक परंपरा, भाई-बहन के स्नेह और कृषि संस्कृति का अनूठा संगम बरहमपुर में देखने को मिला। मालवाणी मंदिर के समीप स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पवित्र बलभद्र जयंती, रक्षाबंधन एवं गह्मा पूर्णिमा का आयोजन उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पर्व मनाना ही नहीं, बल्कि धीरे-धीरे विलुप्त होती लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी रहा।
       दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकार एवं समाजसेवी अनिल कुमार चौधरी ने की। कार्यक्रम में गंजाम-गजपति दलपति केंद्रीय कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं बरहमपुर के पूर्व विधायक शिवशंकर साहाणी, उपाध्यक्ष संतोष कुमार महांति, संगठन संपादक कमल कुमार पात्र, कुना कुमार बिसोई, संपादक रवि कुमार साहाणी, जीवन कुमार पात्र, देबराज कोठिया, बलभद्र दलाई, संगीता महांति और रवि माझी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में गंजाम डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त संपादक एवं युवा अधिवक्ता असित कुमार सावत, विद्यालय के संस्थापक एवं पत्रकार रमेश चंद्र बेहरा तथा ललित महाराणा शामिल रहे। गुरुजी-गुरुमाओं और अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


            रक्षा सूत्र में बंधा भाई-बहन का प्यार
रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प लिया। चंदन का तिलक, अक्षत और पुष्प अर्पित करने के बाद सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई।


         गह्मा पूर्णिमा में दिखी कृषि संस्कृति की झलक
कार्यक्रम में गह्मा पूर्णिमा से जुड़ी कृषि परंपराओं को भी याद किया गया। ओडिशा में इस पर्व का संबंध किसानों और खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा रहा है। मान्यता के अनुसार खेती का काम पूरा करने के बाद किसान अपने खेतों और कृषि उपकरणों की सफाई कर उनकी पूजा करते हैं। इसी कारण इसे लांगल धुवा पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
इस दिन भगवान बलभद्र की पूजा के साथ गायगोबरा नामक पौधे की पूजा की परंपरा भी बताई गई। ग्रामीण जीवन में खेती और पशुधन के महत्व को दर्शाने वाली ये परंपराएं कभी गांव-गांव में उत्साह के साथ निभाई जाती थीं।


               कभी गांवों में गूंजता था गह्मा तिहार
कार्यक्रम में वक्ताओं ने गह्मा तिहार की पुरानी परंपरा को भी याद किया। बताया गया कि पहले यह पर्व घर-घर में उत्साह से मनाया जाता था। मिट्टी से ऊंचे टीलेनुमा गह्मा का निर्माण किया जाता था और खूंटे से बांधी गई वस्तु को दौड़कर छूने की पारंपरिक प्रतियोगिता होती थी। विजेता को सम्मानित किया जाता और पूरे गांव में तीर-पटुआरों के साथ उत्सव एवं जुलूस का माहौल बनता था।
समय के साथ यह लोक परंपरा धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। इसी परंपरा को फिर से जीवंत करने और बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से इस वर्ष कुनिकुनी के बच्चों के साथ गह्मा ढिआं कार्यक्रम आयोजित किया गया।
               बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गह्मा ढिआं कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पारंपरिक रीति के अनुसार बच्चों को चंदन का तिलक लगाया गया तथा अक्षत और फूल अर्पित किए गए। मिठाई खिलाकर पर्व की खुशियां साझा की गईं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। नन्हे कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन जीत लिया और कार्यक्रम स्थल तालियों की गूंज से भर गया।
      परंपरा बचेगी, तभी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ेगी
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि आधुनिकता के दौर में कई लोक परंपराएं धीरे-धीरे हमारी स्मृतियों से दूर होती जा रही हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, कृषि जीवन और लोक आस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
सरस्वती शिशु मंदिर के गुरुजी-गुरुमाओं, स्थानीय नागरिकों और आयोजन से जुड़े लोगों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम की उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। बलभद्र जयंती, रक्षाबंधन और गह्मा पूर्णिमा का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ ओडिशा की लोक संस्कृति और पुरानी परंपराओं को संजोने का संदेश भी दे गया।


प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now