अस्पताल के बाथरूम में भ्रूण और जांच से पहले गायब सबूत! आखिर किसने रचा यह रहस्य?
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
रानी धनराज कुंवर अस्पताल में मानव भ्रूण मिलने से सनसनी; पुलिस-एफएसएल पहुंचने से पहले हटाया गया भ्रूण, सीसीटीवी और अस्पताल रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
कोरबा ACGN:- पुराने बस स्टैंड के पास स्थित रानी धनराज कुंवर देवी अस्पताल में सोमवार को मानव भ्रूण मिलने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। अस्पताल के बाथरूम में भ्रूण मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच शुरू की, लेकिन इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जांच टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही भ्रूण को वहां से हटा दिया गया था। अब यही सवाल इस रहस्यमयी घटना को और गंभीर बना रहा है कि आखिर जांच से पहले भ्रूण को हटाने की जरूरत क्यों पड़ी?
बाथरूम में भ्रूण मिला, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती जानकारी के अनुसार अस्पताल में सफाई का काम कर रहे कर्मचारी को बाथरूम में मानव भ्रूण दिखाई दिया। कर्मचारी ने इसकी जानकारी अस्पताल के सुपरवाइजर को दी। इसके बाद उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भ्रूण को बाथरूम से उठाकर प्लास्टिक बैग में रख दिया गया।
कुछ समय बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के साथ एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। लेकिन तब तक घटनास्थल की स्थिति बदल चुकी थी।
एक संवेदनशील मामले में पुलिस और एफएसएल के पहुंचने से पहले घटनास्थल से महत्वपूर्ण सामग्री हट जाना अपने आप में बड़ा सवाल है।
सबसे बड़ा सवाल भ्रूण आया कहां से?
अब जांच के केंद्र में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल के बाथरूम में मानव भ्रूण पहुंचा कैसे? क्या अस्पताल में किसी महिला का गर्भपात हुआ था? क्या वह महिला अस्पताल में भर्ती थी?
क्या किसी उपचार या चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद भ्रूण वहां छोड़ा गया? या फिर किसी बाहरी व्यक्ति ने अस्पताल परिसर का इस्तेमाल किया? इन सवालों के जवाब फिलहाल सामने नहीं आए हैं। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच से पहले हटाया गया भ्रूण, किसके निर्देश पर?
इस मामले का सबसे रहस्यमयी पहलू यही है कि पुलिस और एफएसएल टीम के पहुंचने से पहले भ्रूण को बाथरूम से हटा दिया गया। घटनास्थल किसी भी आपराधिक या संदिग्ध मामले में बेहद महत्वपूर्ण होता है। वहां मौजूद वस्तुएं, उनकी स्थिति और आसपास के साक्ष्य जांच की दिशा तय कर सकते हैं। ऐसे में भ्रूण को पहले ही हटाए जाने से कई संभावित सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह भी जांच का विषय है कि भ्रूण हटाने का निर्णय किसने लिया, किसके कहने पर लिया गया और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
घटना के बाद अस्पताल परिसर की सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि अस्पताल में कैमरे लगे हैं तो पुलिस के लिए घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की फुटेज महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अस्पताल में उस दौरान कौन-कौन मरीज, परिजन, कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद थे? किसने किस हिस्से में प्रवेश किया? बाथरूम तक कौन पहुंचा? इन तमाम सवालों का जवाब सीसीटीवी और अस्पताल के रिकॉर्ड से मिलने की उम्मीद है।
‘बड़े खेल’ की चर्चा, लेकिन जांच के बिना आरोप जल्दबाजी
घटना सामने आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और अस्पताल के भीतर किसी गंभीर अनियमितता या छिपे हुए मामले की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि अभी किसी व्यक्ति या अस्पताल कर्मचारी को सीधे तौर पर दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। सच्चाई क्या है, यह पुलिस जांच, एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और अस्पताल के रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही सामने आएगी।
अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी होगी अहम
यदि जांच में यह सामने आता है कि भ्रूण अस्पताल परिसर में ही किसी चिकित्सकीय प्रक्रिया से संबंधित था, तो अस्पताल की रिकॉर्ड व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच आवश्यक होगी। वहीं यदि भ्रूण बाहर से अस्पताल में लाया गया था, तो फिर यह सवाल उठेगा कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे रही कि कोई व्यक्ति ऐसी संवेदनशील वस्तु लेकर परिसर के भीतर पहुंच गया और उसे बाथरूम में छोड़कर चला गया।
अब जांच खोलेगी इस रहस्य की परतें
फिलहाल पुलिस ने भ्रूण को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम एवं आवश्यक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एफएसएल टीम भी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, रिकॉर्ड, कर्मचारियों से पूछताछ और घटना के समय मौजूद लोगों की जानकारी इस मामले में अहम कड़ी साबित हो सकती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है अस्पताल के भीतर मानव भ्रूण पहुंचा कैसे? जांच टीम के आने से पहले उसे हटाया क्यों गया?
और अगर सब कुछ सामान्य था, तो घटनास्थल को सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया?
इन सवालों के जवाब ही इस पूरे मामले से रहस्य का पर्दा उठाएंगे। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और किसी भी निष्कर्ष या आरोप से पहले पुलिस एवं एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।
प्रदीप मिश्रा निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़। अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































