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काला कागज, केमिकल और असली नोटों का रहस्य! ₹50 हजार के लालच में छिपा था ठगी का खेल

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 93003948009

“केमिकल एक्सपर्ट” बनकर ठग ने रचा नोट बदलने का जाल, काले कागज को असली भारतीय मुद्रा में बदलने का दावा कर मांगे ₹50 हजार शिकायत के बाद नवागढ़ थाने में मामला दर्ज, पुलिस ने आमजन को किया सतर्क, जीपीएम पुलिस ने खोला शक का राज

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, ACGN:-  एक काला कागज,  कुछ रहस्यमयी रसायन,  और दावा ऐसा कि सुनने वाला भी पलभर के लिए सोच में पड़ जाए“इसे विशेष रसायन से उपचारित करने के बाद असली भारतीय नोटों में बदल दिया जाएगा।” लेकिन इस कथित चमत्कार के पीछे असल कहानी क्या थी? क्या सचमुच कोई ऐसा रसायन था जो कागज को नोट में बदल सकता है, या फिर इसके पीछे छिपा था ठगी का एक सुनियोजित जाल?

जीपीएम पुलिस के सामने आए एक मामले ने इसी रहस्य से पर्दा उठाया है। पुलिस के अनुसार ठगों ने स्वयं को “केमिकल एक्सपर्ट” बताकर काले कागज को विशेष रसायन के माध्यम से असली भारतीय मुद्रा में बदलने का झांसा दिया और इसके एवज में ₹50 हजार की रकम हासिल करने का प्रयास किया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आमजन को ऐसे लालच और फर्जी दावों से सावधान रहने की अपील की है।

काले कागज से नोट बनाने का दावा, फिर शुरू हुआ पैसों का खेल

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा निवासी साहिल कुमार से एक अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क किया। कथित व्यक्ति ने स्वयं को रसायनों का जानकार बताते हुए ऐसा दावा किया कि सामान्य काले कागज को विशेष रसायन से उपचारित करने के बाद उसे असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है।


पहली नजर में यह दावा जितना असामान्य था, उतना ही आकर्षक भी। कम रकम लगाकर बड़ी रकम प्राप्त करने की उम्मीद किसी को भी लालच में डाल सकती है। इसी कथित लालच का फायदा उठाने की कोशिश करते हुए आरोपी ने प्रक्रिया के नाम पर ₹50 हजार की राशि हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन मामला रकम देने तक पहुंचता, उससे पहले ही इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंच गई।

रहस्यमयी “केमिकल” के पीछे आखिर क्या था? – ठगी के ऐसे मामलों में अक्सर शुरुआत विश्वास पैदा करने से होती है। आरोपी खुद को किसी विशेष तकनीक का विशेषज्ञ, रसायन विशेषज्ञ या किसी गुप्त प्रक्रिया का जानकार बताता है। इसके बाद कागज, रसायन, मशीन या किसी कथित प्रयोग के माध्यम से सामने वाले व्यक्ति को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की जाती है कि साधारण वस्तु को कई गुना मूल्यवान बनाया जा सकता है।

इसके बाद शुरू होता है असली आर्थिक खेल – कभी रसायन खरीदने के नाम पर, कभी मशीन या प्रक्रिया के खर्च के नाम पर और कभी कथित सुरक्षा अथवा अंतिम चरण की फीस के नाम पर पीड़ित से रकम मांगी जाती है। कई मामलों में शुरुआत छोटी रकम से होती है और धीरे-धीरे मांग बढ़ती चली जाती है।
जीपीएम पुलिस ने इसी तरह के लालच से लोगों को दूर रहने की चेतावनी दी है।

शिकायत के बाद अपराध दर्ज, जांच में जुटी पुलिस – मामले में शिकायत प्राप्त होने के बाद थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने धारा 318(2) एवं 61(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस अब पूरे मामले के तथ्यों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर केमिकल एक्सपर्ट बनकर संपर्क करने वाला व्यक्ति कौन है तथा इस तरह की ठगी के पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका तो नहीं है।

“कम समय में ज्यादा पैसा” का लालच बन सकता है सबसे बड़ा जाल – जीपीएम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ठगों द्वारा लोगों को अक्सर ऐसे दावों से आकर्षित किया जाता है जिनमें कम समय में बड़ी रकम कमाने की संभावना दिखाई जाती है। नकली नोट को असली बनाने, काले कागज से नोट तैयार करने या किसी विशेष रसायन से मुद्रा तैयार करने जैसे दावे इसी श्रेणी में आते हैं।
ऐसे दावों में फंसकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा किए जा रहे ऐसे असामान्य दावे पर बिना जांच-पड़ताल विश्वास न करें।

बैंक खाते से लेकर ओटीपी तक किसी को न दें वित्तीय जानकारी – पुलिस ने नागरिकों को यह भी चेताया है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति के साथ बैंक खाता संबंधी जानकारी, ओटीपी, पिन, एटीएम अथवा डेबिट कार्ड की जानकारी साझा न करें। ठगी करने वाले व्यक्ति पहले विश्वास कायम कर सकते हैं और बाद में आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल कर सकते हैं, पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति असली नोट बनाने, नोट की कीमत बढ़ाने अथवा किसी रसायन और मशीन के माध्यम से धन को कई गुना करने का दावा करता है तो नागरिकों को तत्काल सतर्क हो जाना चाहिए।

जीपीएम पुलिस की सीधी अपील लालच से बचें, जागरूक रहें
जीपीएम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में किसी अनजान व्यक्ति को रकम न दें। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं या वह असली मुद्रा तैयार करने जैसे अविश्वसनीय दावे करता है, तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या संबंधित पुलिस अधिकारी को दी जाए, पुलिस ने कहा है कि ठगी की स्थिति में भी पीड़ित व्यक्ति को घबराने के बजाय बिना देरी पुलिस को सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

जीपीएम पुलिस का संदेश साफ है“लालच से बचें, जागरूक रहें और ठगी करने वालों के झांसे में न आएं।”

काले कागज को असली नोट में बदलने का दावा भले ही किसी रहस्यमयी कहानी जैसा सुनाई दे, लेकिन इसके पीछे छिपा आर्थिक नुकसान पूरी तरह वास्तविक हो सकता है। इसलिए किसी भी चमत्कारी कमाई के दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी सच्चाई जांचना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
         सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की पहचान हैं।

अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़ की अपील
साइबर ठगी, आर्थिक ठगी और ऑनलाइन अपराधों से सावधान रहें। अनजान फोन कॉल, संदेश, लिंक, लालच या किसी भी संदिग्ध योजना के झांसे में आकर अपनी बैंक जानकारी, ओटीपी, पिन, पासवर्ड या पैसे किसी के साथ साझा न करें।
जागरूक रहें, सतर्क रहें और ठगी की आशंका होते ही तुरंत पुलिस को सूचना दें, आपकी एक छोटी-सी सावधानी आपकी बड़ी परेशानी बचा सकती है।
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प्रदीप मिश्रा
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