नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , 16 साल बाद घर में गूंजी किलकारी, 48 घंटे में मातम में बदली खुशियां! आयुष्मान अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

16 साल बाद घर में गूंजी किलकारी, 48 घंटे में मातम में बदली खुशियां! आयुष्मान अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

समय पर रेफर नहीं करने का आरोप, एक नवजात की मौत, दूसरा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा; अस्पताल में परिजनों का हंगामा, जांच शुरू

कोरबा ACGN:- कोरबा के आयुष्मान अस्पताल में उपचार के दौरान एक नवजात की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 16 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जुड़वा बच्चों के जन्म से खुशियां मना रहा परिवार अब एक बच्चे को खो चुका है, जबकि दूसरा गंभीर हालत में बिलासपुर में उपचाराधीन है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर सही इलाज और उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने में कथित लापरवाही का आरोप लगाया है।


परिजनों का कहना है कि जन्म के कुछ घंटों बाद ही एक नवजात में पीलिया के लक्षण दिखाई देने लगे थे। उन्होंने तत्काल डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी, लेकिन कथित रूप से बच्चे की गंभीर स्थिति को नजरअंदाज किया गया और लगातार यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि सब कुछ सामान्य है। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते बच्चे को विशेषज्ञ अस्पताल भेज दिया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी।


आरोप है कि जब तक बच्चे को दूसरे अस्पताल भेजा गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरे जुड़वा बच्चे की हालत भी बिगड़ने पर उसे बिलासपुर रेफर करना पड़ा, जहां वह जिंदगी की जंग लड़ रहा है।


नवजात की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय उन्हें केवल नियम-कानून समझाए गए। अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी शिकायत के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस तुरंत पहुंच गई।

इस पूरे घटनाक्रम ने निजी अस्पतालों की आपातकालीन उपचार व्यवस्था, नवजात शिशुओं की निगरानी और रेफरल प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यदि जांच में परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक चिकित्सकीय चूक नहीं बल्कि गंभीर प्रशासनिक और पेशेवर जवाबदेही का मामला होगा।


हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि नवजात का उपचार चिकित्सकीय मानकों के अनुसार किया गया और स्थिति गंभीर होने पर उसे रेफर किया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें
अपने क्षेत्र के समाचार एवं विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें : 7647981711, 9303948009

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now