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आईजी अभिषेक शांडिल्य ने प्रशिक्षणाधीन पुलिस अधिकारियों को दिए उत्कृष्ट सेवा के मंत्र, अनुशासन और संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर

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दुर्ग, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अरविन्द तिवारी

47 उप निरीक्षक एवं एक सूबेदार के प्रशिक्षण की समीक्षा, तकनीकी दक्षता और जनहितकारी पुलिसिंग को बताया सेवा की आधारशिला

दुर्ग ACGN:- पुलिस लाइन दुर्ग स्थित दधीचि सभागार में प्रशिक्षणाधीन 47 उप निरीक्षकों एवं एक सूबेदार के लिए प्रशिक्षण समीक्षा एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य ने प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण काल के दौरान अर्जित व्यावसायिक ज्ञान, अनुशासन, कार्यशैली और व्यवहारिक दक्षता की विस्तृत समीक्षा की तथा भविष्य की पुलिस सेवा के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
अपने संबोधन में आईजी अभिषेक शांडिल्य ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि प्रत्येक पुलिस अधिकारी के संपूर्ण सेवा जीवन की सबसे महत्वपूर्ण और आधारभूत अवस्था होती है। इसी दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुशासन और कार्य संस्कृति भविष्य में एक बेहतर पुलिस अधिकारी बनने की नींव तैयार करती है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम रहने, ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि कानून सम्मत और जनहितकारी पुलिसिंग को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
आईजी ने वर्तमान समय में पुलिसिंग में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों का उल्लेख करते हुए सीसीटीएनएस, ऑनलाइन चालान प्रणाली, ई-साक्ष्य संकलन, ई-एफएसएल, समन्वय पोर्टल, मेडलीपार और नेटग्रिड जैसी डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग में दक्षता हासिल करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी के लिए केवल कानून का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी संवाद कौशल में भी दक्ष होना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान आईजी ने गुणवत्तापूर्ण केस डायरी लेखन, समयबद्ध विवेचना, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, अभियोजन की मजबूती और न्यायालयीन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करें तथा पीड़ित केंद्रित पुलिसिंग को प्राथमिकता दें। आम नागरिकों के साथ संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखना एक अच्छे पुलिस अधिकारी की पहचान है।
इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों ने अनुसंधान, साइबर अपराध, तकनीकी पुलिसिंग, विवेचना, न्यायालयीन कार्यवाही और दैनिक पुलिस कार्य से जुड़े सवाल रखे, जिनका आईजी द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी मणिशंकर चन्द्रा, सहायक नोडल अधिकारी एवं डीएसपी लाइन चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदीप मिश्रा (प्रधान संपादक)
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