विद्युत कंपनी आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर किया प्रदर्शन, आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
आरक्षण, पदोन्नति सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के संकेत, प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग
कोरबा ACGN:- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा अपनी लंबित मांगों को लेकर 22 जून 2026 को प्रदेशभर में सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों ने कार्य से विरत रहकर विद्युत कंपनी प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
संघ ने आरोप लगाया कि विद्युत कंपनी प्रबंधन द्वारा आरक्षण, पदोन्नति सहित कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार अनदेखी की जा रही है। कई बार पत्राचार और चर्चा के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संघ का कहना है कि विद्युत कंपनी में पदोन्नति प्रक्रिया राज्य शासन एवं सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुरूप नहीं होने से आरक्षित वर्ग के हजारों अधिकारी-कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने मांग की है कि नई पदोन्नति नीति लागू होने तक वर्तमान प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

संघ की प्रमुख मांगें :-
• राज्य शासन की तर्ज पर विद्युत कंपनी में पदोन्नति प्रक्रिया लागू की जाए।
• अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण रोस्टर नियमों का पालन किया जाए।
• भर्ती एवं पदोन्नति में जिला/संभाग स्तर का आरक्षण रोस्टर लागू किया जाए।
• अनुसूचित क्षेत्रों में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार पदस्थापना की जाए।
• स्थानांतरण नीति 2018 लागू कर लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाए।
• सभी तकनीकी कर्मचारियों को तकनीकी भत्ता प्रदान किया जाए।
• वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
• संविदा कर्मचारियों को रिक्त पदों के आधार पर नियमित किया जाए।
• विभागीय जांच की समय-सीमा तय कर जल्द पूर्ण किया जाए।
• पदोन्नति समितियों में आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
• चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सेवा अवधि के बाद पदोन्नति का अवसर दिया जाए।
• सी-ऑफ, ओवरटाइम, रात्रि भत्ता एवं जोखिम भत्ता जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
• कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
• लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन के बाद 6 जुलाई से अनिश्चित कालीन उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत कंपनी प्रबंधन की होगी।
प्रदीप मिश्रा
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