बुंदेली से ठाकुरदिया वन मार्ग के डामरीकरण का रास्ता साफ, बजट 2026-27 में मिली मंजूरी, 25 से 30 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
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महासमुंद छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संतोष तिवारी
पूर्व वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष विमल दास महंत के प्रयासों को मिली सफलता
महासमुंद। जिले के पिथोरा विकासखंड क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर सामने आई है। बुंदेली से ठाकुरदिया वन मार्ग के डामरीकरण कार्य को वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल कर लिया गया है। लगभग 10 किलोमीटर लंबाई वाले इस महत्वपूर्ण वन मार्ग के पक्की सड़क निर्माण से क्षेत्र के दर्जनों गांवों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
महासमुंद ACGN:- बुंदेली से ठाकुरदिया वन मार्ग वर्षों से ग्रामीणों की प्रमुख मांग रहा है। यह मार्ग करीब 25 से 30 गांवों को जोड़ता है और ग्रामीणों के लिए पिथोरा ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने का सबसे आसान रास्ता है। वर्तमान में सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बुंदेली से पिथोरा की दूरी लगभग 15 से 17 किलोमीटर है, लेकिन मार्ग खराब होने के कारण बरसात के दिनों में लोगों को बुंदेली से तेंदुकोना और फिर तेंदुकोना से पिथोरा होकर करीब 30 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों और आम ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है।
बताया जा रहा है कि इस मार्ग का सर्वे और डीपीआर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। डामरीकरण के साथ-साथ मार्ग में तीन से चार छोटे-बड़े पुल-पुलिया निर्माण की भी आवश्यकता है। बुंदेली के समीप बने बड़े रपटा में बारिश के दिनों में पानी ऊपर से बहने के कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल पुलिया निर्माण की स्वीकृति देकर कार्य कराने की मांग की है।
इस महत्वपूर्ण सड़क को बजट में शामिल कराने में वन प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष विमल दास महंत की अहम भूमिका बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार विमल दास महंत पिछले करीब 20 वर्षों से वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रहते हुए सड़क निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत रहे। उन्होंने अधिकारियों से लेकर मंत्रियों, मुख्यमंत्री निवास और मंत्रालय तक पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या को रखा।
सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। डामरीकरण होने के बाद बच्चों को स्कूल-कॉलेज जाने, ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने तथा व्यापारिक गतिविधियों में भी सुविधा मिलेगी।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
प्रदीप मिश्रा
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