नशे के खिलाफ छत्तीसगढ़ में बड़ा अभियान, नशामुक्त समाज के लिए गांव-गांव तक पहुंचेगा जनजागरण
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
नशामुक्ति केंद्रों की होगी मजबूत मॉनिटरिंग, 5 जिलों में खुलेंगे नए केंद्र, 26 जून तक चलेगा नशा मुक्त भारत सप्ताह
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान को और मजबूती देने की तैयारी शुरू हो गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक में नशामुक्त समाज के निर्माण, पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने और जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के संचालक रणवीर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राज्य में चल रहे शराब व्यसन मुक्ति अभियान की प्रगति, नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास, नशामुक्ति केंद्रों की स्थिति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नशामुक्ति अभियान को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए भारत माता वाहिनी योजना का विस्तार किया जाएगा। प्रत्येक विकासखंड की एक हजार से अधिक जनसंख्या वाली नवीन ग्राम पंचायतों में भारत माता वाहिनी के गठन और सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया।

नशे से पीड़ित लोगों के बेहतर उपचार और पुनर्वास के लिए संचालित 15 बिस्तर वाले एकीकृत पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव रखा गया। साथ ही जिन जिलों में नशामुक्ति केंद्र उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राज्य में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा जिलों में नए नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार और परामर्श की सुविधा मिल सकेगी।
बैठक में नशामुक्ति केंद्रों की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे तथा बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि इससे केंद्रों की कार्यप्रणाली बेहतर होगी और जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी।

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में 17 जून से 26 जून तक नशा मुक्त भारत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान” रखी गई है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नशा मुक्त भारत सप्ताह के दौरान सेमिनार, रैली, शपथ कार्यक्रम, संवाद कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक आयोजन और जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने महानदी भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज, परिवार और हर नागरिक की सहभागिता से ही नशामुक्त समाज का सपना पूरा हो सकता है।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को केवल अपराधी की नजर से नहीं बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के उद्देश्य से पुनर्वास और सहयोग की जरूरत है। जनभागीदारी से ही छत्तीसगढ़ को स्वस्थ और नशामुक्त राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
प्रदीप मिश्रा
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