बस्तर दौरे का असर: नल जल योजना में लापरवाही पर दो कार्यपालन अभियंताओं से मांगा गया जवाब
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के सामने ग्रामीणों ने की थी पानी नहीं मिलने की शिकायत, सात दिनों में मांगा गया स्पष्टीकरण
रायपुर ACGN:- जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित नल जल योजनाओं में गड़बड़ी और नियमित जलापूर्ति नहीं होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कोंडागांव और दंतेवाड़ा जिले के दो कार्यपालन अभियंताओं से स्पष्टीकरण तलब किया है। यह कार्रवाई उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर की गई है।
हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कोंडागांव जिले के बेड़मा और दंतेवाड़ा जिले के टेकनार में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रमों में ग्रामीणों से सीधे संवाद किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने नवनिर्मित नल जल योजनाओं से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत की थी। शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए उप मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. मरकाम द्वारा जारी नोटिस में कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता श्री वीरेन्द्र पाण्डेय से पूछा गया है कि 5 जून को केशकाल विकासखंड के ग्राम बेड़मा में आयोजित जल अर्पण समारोह के दौरान ग्रामीणों ने योजना के सुचारू संचालन नहीं होने और नियमित जलापूर्ति बाधित रहने की शिकायत क्यों की। विभाग ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन में कमी माना है।

नोटिस में कहा गया है कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से पानी नहीं मिलना अत्यंत गंभीर मामला है। इससे कार्यक्रम के दौरान असहज स्थिति निर्मित हुई और विभाग की छवि प्रभावित हुई।
इसी प्रकार दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता श्री एस.पी. मण्डावी को जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 7 जून को ग्राम टेकनार में आयोजित जल अर्पण समारोह के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि गांव के एक मोहल्ले के कई घरों तक नल जल योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है। विभाग ने इसे तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य निष्पादन नहीं होने का संकेत माना है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दोनों अधिकारियों को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की योजनाओं की निगरानी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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