बैंकिंग सिस्टम में साइबर सुरक्षा मजबूत करने डीसीपी क्राइम एंड साइबर की बैठक, 1930 हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग पर जोर
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रायपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- अनादि पांडेय
रायपुर ACGN:- रायपुर कमिश्नरेट अंतर्गत पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला द्वारा आज दिनांक 09.06.2026 को रायपुर स्थित समस्त बैंकों के नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक यातायात कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। यह बैठक पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशानुसार संपन्न हुई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री गौरव मण्डल एवं श्री अनुज कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री संजय सिंह एवं श्री नरेश पटेल सहित विभिन्न बैंकों के लगभग 50 नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, डिजिटल फ्रॉड की रोकथाम तथा बैंक और पुलिस के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाना रहा। अधिकारियों द्वारा साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई एवं पीड़ितों की राशि की शीघ्र रिकवरी पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में निर्देश दिए गए कि ऑनलाइन ठगी के शिकार होकर बैंक आने वाले ग्राहकों को किसी अन्य स्थान पर भेजने के बजाय तत्काल टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करने अथवा साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने हेतु प्रेरित किया जाए। साथ ही बैंक परिसर में 1930 हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त नए बैंक खाते खोलते समय आवेदकों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करने, पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करने तथा कॉर्पोरेट खातों के मामले में 15 दिनों के भीतर पुनः भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि बैंक परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की उपस्थिति की स्पष्ट सूचना प्रदर्शित की जाए तथा प्रवेश एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएं। संदिग्ध लेन-देन की निगरानी को और अधिक सख्त बनाने तथा डिमांड ड्राफ्ट का पूर्ण सत्यापन करने के बाद ही राशि अंतरण करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा बार-बार खाता खोलने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनकी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने तथा बैंक द्वारा मांगी गई सूचनाओं को तत्काल साझा करने पर भी सहमति बनी, जिससे अपराधों की विवेचना में तेजी लाई जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक बैंक में एक नोडल लीगल अधिकारी नामित किया जाएगा तथा एक स्थायी संपर्क नंबर जारी किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक परिवर्तन की स्थिति में कार्य प्रभावित न हो।
अंत में पुलिस एवं बैंकिंग संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित जांच एवं पीड़ितों को राहत पहुंचाने की दिशा में संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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