प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सच्ची सेवा है : पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल
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सूरजपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
पर्यावरण संरक्षण पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश
सूरजपुर ACGN :- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों को संदेश देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, वनों की निरंतर कटाई, जल स्रोतों के क्षरण तथा जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि हम आज प्रकृति के संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रकृति की अनुपम धरोहरों से समृद्ध राज्य है। यहां के घने वन, निर्मल नदियां, पर्वत श्रृंखलाएं और समृद्ध जैव विविधता हमारी पहचान हैं। यह प्राकृतिक संपदा केवल हमारी विरासत नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमानत भी है। इसलिए इन संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि हम प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखेंगे, तभी पर्यटन के क्षेत्र में स्थायी और संतुलित विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि आज विश्वभर में टिकाऊ पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) की अवधारणा को महत्व दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक संबंध को मजबूत करने वाला जनआंदोलन है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, जैव विविधता की रक्षा और वन क्षेत्रों के संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए योगदान दे, तो छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा वर्ग स्वयं जागरूक बने और समाज में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण का कार्य करे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
अपने संदेश के अंत में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “प्रकृति हमारी जीवनदायिनी मां है। उसकी रक्षा करना हमारा सर्वोच्च कर्तव्य है। यदि हम प्रकृति को बचाएंगे, तो प्रकृति हमें सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध जीवन प्रदान करेगी। आइए, हम सभी मिलकर हरित छत्तीसगढ़ और स्वच्छ छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।”
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