उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माण कार्यों का किया गहन निरीक्षण,खड़कघाट पुल व ओवरब्रिज निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी
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बस्तर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
जगदलपुर में सड़क, पुल, रेलवे ओवरब्रिज और जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा, ठेकेदारों को दिए सख्त निर्देश

बस्तर ACGN:- उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने बस्तर संभाग में विकास एवं निर्माण कार्यों के निरीक्षण का क्रम जारी रखते हुए शुक्रवार को जगदलपुर में विभिन्न परियोजनाओं का गहन निरीक्षण किया।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा कई स्थानों पर धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने इंद्रावती नदी पर निर्माणाधीन खड़कघाट पुल का जायजा लिया, जिसकी लागत लगभग 48 करोड़ 60 लाख रुपये है। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रहे 5 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, जो चित्रकोट मार्ग पर 27 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

उन्होंने बरसात के मौसम को देखते हुए ड्रेनेज व्यवस्था पूर्ण न होने पर असंतोष जताया और कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग स्थित किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर निर्माणाधीन 69 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत वाले रेलवे ओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। यहां भी निर्माण में देरी पर उन्होंने संबंधित एजेंसियों को फटकार लगाई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में उन्होंने तोकापाल विकासखंड के ग्राम दुगनपाल का दौरा किया, जहां उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर नल से हो रही जल आपूर्ति की स्थिति देखी और संतोष व्यक्त किया।

ग्राम दुगनपाल में जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग के माध्यम से सभी 131 घरों में घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, जहां ग्रामीणों को प्रतिदिन लगभग तीन घंटे नियमित पेयजल आपूर्ति मिल रही है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और वृक्षारोपण का आह्वान करते हुए कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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