निशुल्क प्याऊ घर तोड़ने पर उठे सवाल, पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी
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मुंगेली, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुंचाने वाली व्यवस्था ध्वस्त, समाजसेवी ने कलेक्टर से लगाई गुहार
मुंगेली ACGN:- भीषण गर्मी के बीच आम नागरिकों एवं राहगीरों को निशुल्क पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय गेट के समीप संचालित किए जा रहे प्याऊ घर को क्षति पहुंचाए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार समाजसेवी दिनेश साहू उर्फ बल्ला द्वारा अपने निजी खर्च से लगभग 30 हजार रुपये की लागत से एक सुसज्जित निशुल्क प्याऊ घर स्थापित कराया गया था। इसमें मटकों के माध्यम से शीतल पेयजल की व्यवस्था, जल भंडारण की सुविधा, छायादार झोपड़ी तथा राहगीरों की सुविधा के लिए अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए थे। गर्मी के मौसम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां से पेयजल ग्रहण कर राहत महसूस करते थे।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान उक्त प्याऊ घर को हटाया गया, जिससे पूरी व्यवस्था क्षतिग्रस्त हो गई। आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद न तो संबंधित विभाग द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई और न ही जनहित में संचालित इस सेवा को पुनः स्थापित करने की पहल की गई। इसके कारण क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर प्रशासन जल संरक्षण एवं आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर जनसेवा की भावना से संचालित एक निशुल्क प्याऊ घर को नुकसान पहुंचाया जाना कई सवाल खड़े करता है। लोगों का मानना है कि यदि सुरक्षा अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से इसे हटाना आवश्यक था तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

समाजसेवी दिनेश साहू ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर हुए नुकसान की भरपाई कराने तथा पूर्व स्थान पर पुनः निशुल्क प्याऊ घर स्थापित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और जनसेवा के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
क्षेत्रवासियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौर में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से लोगों को वंचित करना संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है।
हालांकि इस मामले में संबंधित विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और आम नागरिकों को पुनः पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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